ट्रेन हादसा: परिजनों की खोज में हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर लगी भीड़, हेल्पलाइन नंबर जारी
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पुरी से हरिद्वार आ रही कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस (18478) के खतौली के पास दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद हरिद्वार रेलवे की ओर से हैल्प लाइन नंबर जारी किया गया है। हैल्प लाइन में अधिकांश फोन बाहर से आ रहे है, हालांकि कुछ फोन हरिद्वार से भी पहुंच रहे है।
कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होते ही हरिद्वार रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। आनन फानन में हरिद्वार विभाग ने हैल्प लाइन (9768534054)नंबर जारी किया। नंबर को पूछताछ केंद्र पर ही रखा गया है। इसके लिए अलग से पांच लोगों के स्टॉफ की ड्यूटी लगाई गई है।
कर्मचारी के हाथों में गाडिय़ों का पीएनआर दिया गया है। जिससे पूछताछ करने वाले यात्रियों को डिब्बे की उचित जानकारी दी जा सके। हरिद्वार के लोकल कितने यात्री इसमे सवार हैं, इसकी जानकारी रेलवे के पास नहीं मिल सकी है। हरिद्वार से कुछ लोकल लोगों के फोन जरूर किए। बताया जा रहा है कि हरिद्वार से अधिकांश लोग अपने परिजनों के लिए खतौली निकल गए है।
17 बोगी में 514 यात्री
रेलवे स्टेशन अधीक्षक एमके सिंह ने बताया कि कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस हरिद्वार 17 बोगी के साथ पहुंचती है। पीएनआर से मालूम हुआ है कि दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले ट्रेन में 514 यात्री सवार थे। बताया जा रहा है कि 400 से अधिक यात्री रुड़की और हरिद्वार में उतरने थे। गाड़ी में पांच एसी और 12 बोगियां स्लीपर की हरिद्वार पहुंचनी थी।
82 यात्रियों ने रुड़की-हरिद्वार के लिए बुक कराए थे टिकट
मुजफ्फरनगर के पास दुर्घटनाग्रस्त हुई कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस में 82 लोगों ने रुड़की और हरिद्वार के लिए टिकट बुक कराए थे। इन यात्रियों की स्थिति के बारे में पता लगाया जा रहा है। हरिद्वार के एसडीएम के नेतृत्व में एक टीम घटनास्थल पर पहुंच चुकी है।
जबकि हरिद्वार के डीएम जिला इमरजेंसी सेंटर पर मौजूद हैं। घायलों के इलाज के लिए हरिद्वार के सभी अस्पतालों को निर्देश जारी कर दिया गया है। हरिद्वार के बंगाली अस्पताल और हरिमिलाप अस्पताल में घायलों के इलाज के इंतजाम किया गया है।
जो यात्री हरिद्वार में रुकना चाहेंगे उनके लिए प्रेमनगर और शांतिकुंज अस्पताल में व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और हरिद्वार जिला प्रशासन को परिस्थितियों पर नजर रखने का निर्देश दिया है।