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Dehradun News: हैलो... आतंकवादियों के पास से आपके आधार कार्ड की फोटो मिली है
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- साइबर ठगों ने गिरफ्तारी का डर दिखाकर बुजुर्ग से ठगे 40 लाख
- घर में किया डिजिटल अरेस्ट, गैर जमानती वारंट जारी होने का दिखाया डर
संवाद न्यूज एजेंसी
देहरादून। हैलो, मैं दिल्ली पुलिस मुख्यालय से बोल रहा हूं। आतंकवादियों के पास से आपके आधार कार्ड की फोटो मिली है। आतंकवादी आपके नाम से एक सिम का भी प्रयोग कर रहे थे। इसलिए दिल्ली पुलिस मुख्यालय आना होगा। फोन पर ये सुनते ही दून में बुजुर्ग के होश उड़ गए। साइबर ठगों ने सुप्रीम कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने व गिरफ्तारी का डर दिखाकर बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट किया और 40 लाख रुपये ठग लिए।
इस मामले में पंडितवाड़ी निवासी पीड़ित मुकेश पांडे की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने बताया कि वह एलएनटी दिल्ली से रिटायर कर्मचारी हैं। 10 दिसंबर को दोपहर में एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को दिल्ली पुलिस मुख्यालय का बताया। पहले उसने फोन पर आतंकवादियों के पास आधार कार्ड की फोटो कॉपी मिलने की बात की। इसके बाद प्रेम कुमार नाम के व्यक्ति ने फोन कर खुद को एनआईए का अधिकारी बताया। इसने सुप्रीम कार्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने और गिरफ्तार कर पुणे के डिटेंशन सेंटर में रखने का डर दिखाया। इसके बाद ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर हर तीन घंटे में लोकेशन मांगी। इसके साथ ही किसी अन्य व्यक्ति से बात न करने और इस संबंध में किसी को न बताने की हिदायत दी। 13 दिसंबर को दोबारा दूसरे नंबर से व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल कर एप डाउनलोड कराया गया। इसके साथ ही गैर जमानती वारंट भी दिखाया गया। वीडियो कॉल पर एक बैंक खाते का नंबर देकर खातों में उपलब्ध धनराशि का सत्यापन करने का झांसा दिया। पीड़ित ने डरकर उनके खाते में 40 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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- घर में किया डिजिटल अरेस्ट, गैर जमानती वारंट जारी होने का दिखाया डर
संवाद न्यूज एजेंसी
देहरादून। हैलो, मैं दिल्ली पुलिस मुख्यालय से बोल रहा हूं। आतंकवादियों के पास से आपके आधार कार्ड की फोटो मिली है। आतंकवादी आपके नाम से एक सिम का भी प्रयोग कर रहे थे। इसलिए दिल्ली पुलिस मुख्यालय आना होगा। फोन पर ये सुनते ही दून में बुजुर्ग के होश उड़ गए। साइबर ठगों ने सुप्रीम कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने व गिरफ्तारी का डर दिखाकर बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट किया और 40 लाख रुपये ठग लिए।
इस मामले में पंडितवाड़ी निवासी पीड़ित मुकेश पांडे की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने बताया कि वह एलएनटी दिल्ली से रिटायर कर्मचारी हैं। 10 दिसंबर को दोपहर में एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को दिल्ली पुलिस मुख्यालय का बताया। पहले उसने फोन पर आतंकवादियों के पास आधार कार्ड की फोटो कॉपी मिलने की बात की। इसके बाद प्रेम कुमार नाम के व्यक्ति ने फोन कर खुद को एनआईए का अधिकारी बताया। इसने सुप्रीम कार्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने और गिरफ्तार कर पुणे के डिटेंशन सेंटर में रखने का डर दिखाया। इसके बाद ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर हर तीन घंटे में लोकेशन मांगी। इसके साथ ही किसी अन्य व्यक्ति से बात न करने और इस संबंध में किसी को न बताने की हिदायत दी। 13 दिसंबर को दोबारा दूसरे नंबर से व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल कर एप डाउनलोड कराया गया। इसके साथ ही गैर जमानती वारंट भी दिखाया गया। वीडियो कॉल पर एक बैंक खाते का नंबर देकर खातों में उपलब्ध धनराशि का सत्यापन करने का झांसा दिया। पीड़ित ने डरकर उनके खाते में 40 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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