...तो हैवीवेट नेता बनेगा हरीश रावत का 'वारिस'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में टिकटों को लेकर मचे घमासान का पटाक्षेप होने को है लेकिन जो हरिद्वार सीट मुख्यमंत्री हरीश रावत के परिवार की मानी जा रही थी, अब उसमें संदेह खड़ा हो गया है।
हरिद्वार संसदीय सीट पर पार्टी किसी नेशनल फीगर यानि हैवीवेट उम्मीदवार को उतार सकती है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी बातचीत में इस बात केसंकेत दिए हैं।
सोमवार को हो सकती है घोषणा
उम्मीद है सोमवार को शेष तीनों उम्मीदवारों की भी घोषणा हो जाए। कांग्रेस की उम्मीदवारी में एक बार फिर बड़ा फेरबदल होने जा रहा है।
पार्टी हरिद्वार सीट पर किसी ऐसे नेता को उतारने का मन बना रही है जिसकी पहचान पूरे देश में हो। बताते हैं आलाकमान ने इस संबंध में हरीश रावत की भी राय ले ली है।
कोई भी लड़े सीट रावत की
रावत ने भी पार्टी से स्पष्ट कर दिया है कि इस सीट पर कोई भी लड़े यह सीट उनकी ही कहलाएगी और उनके लिए उतनी ही चुनौती होगी।
पार्टी चाहती है कि हरीश रावत की जननेता की छवि का लाभ पांचों सीटों पर उठाया जाए। परिवार के किसी सदस्य को टिकट देने से उनका फोकस कहीं न कहीं इसी सीट पर हो जाता।
हरक सिंह और साकेत का नाम आगे
पौड़ी सीट पर मंत्री हरक सिंह रावत का लड़ना भी तय हो गया है।
हरक सिंह ने वरिष्ठ नेताओं का स्पष्ट कर दिया है कि वह पार्टी के फैसले के लिए तैयार हैं। टिहरी सीट पर साकेत बहुगुणा का नाम भी तय हो गया है।
साकेत का नाम तय होते ही टिहरी लोकसभा जुड़े बहुगुणा कैंप के विधायकों ने अपने-अपने स्तर पर बैठकें भी शुरू कर दी हैं। विजय बहुगुणा भी सोमवार को देहरादून पहुंच रहे हैं।