कमजोर हो रहा उत्तराखंड के युवाओं का दिल, वजह है चौंकाने वाली
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प्रदेश में बीते डेढ़ दशक में हृदय रोगियों की संख्या दोगुनी हो गई है। इसमें मैदानी और पहाड़ों के मरीज शामिल हैं। पहाड़ों में धूम्रपान को हृदय रोगों का मुख्य कारण माना जा रहा है। इससे निपटने के लिए फोर्टिस-एस्कॉर्ट अस्पताल ने जापानी विशेषज्ञों के साथ टाइअप किया है। जिसके तहत जापानी विशेषज्ञ दो दिन सीटी एंजियोग्राफी तकनीक से मरीजों के ऑपरेशन करेंगे। इस तकनीक में मरीज की छाती को खोलने की जरूरत नहीं पड़ती है।
सोमवार को राजपुर रोड स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए फोर्टिस अस्पताल के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान 30 से 40 वर्ष आयु के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
कम उम्र के रोगियों में ओपन हार्ट सर्जरी या स्टेंट डालना उनकी कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में सीटी एंजियोग्राफी तकनीक से उपचार बेहद फायदेमंद साबित होता है।
तीन माह से ज्यादा नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
उन्होंने बताया कि तसुकुआ मेडिकल सेंटर के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. यूची नागुची और उशीक आइवा, जनरल अस्पताल, जापान के इंटरवेंशनल कार्डियोलोजिस्ट डॉ. मानाबू फूजीयाना ऑपरेशन करेंगे।
उन्होंने बताया कि शत-प्रतिशत कठोर हो चुकी रक्तधमनी को तीन माह से ज्यादा समय तक नजरअंदाज करने पर मरीज को थकान व दिल में दर्द होता है। पहले बाईपास सर्जरी से इसका उपचार होता था, लेकिन अब सीओटी के जरिये धमनी खोली जा सकती है। इसमें मरीज को ज्यादा लाभ होता है और बहुत कम समय में वह ठीक भी हो जाता है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से 10 मरीजों के ऑपरेशन होंगे।
हृदय रोगों के प्रमुख कारण
- अनियमित खानपान
- व्यायाम की कमी
- अत्यधिक तनाव
- डायबिटीज
- हाई कोलेस्ट्रॉल
- धूम्रपान व मद्यपान
ऐसे मजबूत होगा हृदय
- नियमित व्यायाम करें
- ताजा फल-हरी सब्जियां खाएं
- फाइबर व मोटा अनाज खाएं
- शराब व धूम्रपान छोड़ें
- योग और प्राणायाम करें
- जीवनशैली व्यवस्थित करें
- अधिक तनाव लेने से बचें