हाईकोर्ट में बोली CBI, स्टिंग मामले की जांच में सहयोग नहीं कर रहे CM रावत
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हाईकोर्ट ने विधायकों की खरीद फरोख्त को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग मामले पर अगली सुनवाई के लिए 13 फरवरी की तिथि नियत की है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा सीबीआईकि सीएम रावत जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
शनिवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता देवीदत्त कामद और हरक सिंह रावत की ओर से राजेश्वर सिंह ने पैरवी की। न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने याचिका दायर कर स्टिंग ऑपरेशन प्रकरण में सीबीआई जांच को निरस्त करने की मांग की थी।
दूसरी ओर, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने एक अन्य याचिका दायर कर राज्य मंत्रिमंडल की 15 मई 2016 को हुई बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ चल रही सीबीआई जांच की संस्तुति को वापस लेने के फैसले को चुनौती दी थी।
सीबीआई ने कही जांच में सहयोग न करने की बात
हरक की याचिका में कहा गया था कि एक बार सीबीआई जांच की संस्तुति हो चुकी है तो उसे वापस नहीं लिया जा सकता है।
सीबीआई के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट को बताया था कि बीती 26 दिसंबर को मुख्यमंत्री हरीश रावत को दिल्ली सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे वहां पर नहीं पहुंचे।
सीबीआई के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कोर्ट में यह कहा था कि वे सीबीआई जांच में सहयोग करेंगे। मुख्यमंत्री जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकल पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 फरवरी की तिथि नियत की।