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सुनो हरेला का संदेश, हरा भरा हो मेरा देश...
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धाद संस्था की और से राजभवन से आयोजित हरेला मार्च रैली में पारंपरिक ढोल दमाऊं पर नृत्य करती महिला
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सुनो हरेला का संदेश, हरा भरा हो मेरा देश... जैसे नारों से हरेला एंबेसडर बच्चों ने पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक किया। बृहस्पतिवार को राजभवन में धाद संस्था की ओर से आयोजित हरेला मार्च को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने बतौर मुख्य अतिथि हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राजभवन से निकली मार्च कैंट रोड से होते हुए गोरखा मिलिट्री कॉलेज पहुंची। इस मौके पर राज्यपाल ने राजभवन परिसर में दो पौधे रोपे।
इस अवसर पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की मांग है। हरेला पर्व हरियाली का प्रतीक है। इस महीने में प्रत्येक व्यक्ति को एक पौधा अवश्य रोपना चाहिए। संस्था के सचिव तन्मय ममगाईं ने बताया कि साल 2010 में रेसकोर्स स्थित वाल्मीकि मंदिर से हरेला का आयोजन शुरू किया गया था। तब से यह आयोजन हर वर्ष किया जाता है। स्कूल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक कलाकार अखिलेश दास, शशि दास की ढोल की थाप पर बच्चों ने शानदार प्रस्तुति दी। इस अवसर पर लोकेश नवनि, विकास बहुगुणा, रविंद्र नेगी, ज्योति प्रकाश जगूड़ी, डॉ. जयंत नवनि, राजीव पांथरी, प्रभाकर देवरानी, प्रमोद रावत, विनोद असवाल, दीप्ति मैठाणी आदि मौजूद रहे।
ओंकार दास को समर्पित है इस साल का हरेला
संस्था के सचिव तन्मय ममगाईं ने बताया कि इस वर्ष का हरेला उत्तराखंड के लोक वाद्य ढोल के ज्ञाता स्व. ओंकार दास को समर्पित है। धाद के हरेला अभियान के अंतर्गत उन बच्चों को हरेला एंबेसडर बनाया गया। लगभग 50 हरेला एंबेसडर बच्चों ने राज्यपाल से मुलाकात की।
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इस अवसर पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की मांग है। हरेला पर्व हरियाली का प्रतीक है। इस महीने में प्रत्येक व्यक्ति को एक पौधा अवश्य रोपना चाहिए। संस्था के सचिव तन्मय ममगाईं ने बताया कि साल 2010 में रेसकोर्स स्थित वाल्मीकि मंदिर से हरेला का आयोजन शुरू किया गया था। तब से यह आयोजन हर वर्ष किया जाता है। स्कूल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक कलाकार अखिलेश दास, शशि दास की ढोल की थाप पर बच्चों ने शानदार प्रस्तुति दी। इस अवसर पर लोकेश नवनि, विकास बहुगुणा, रविंद्र नेगी, ज्योति प्रकाश जगूड़ी, डॉ. जयंत नवनि, राजीव पांथरी, प्रभाकर देवरानी, प्रमोद रावत, विनोद असवाल, दीप्ति मैठाणी आदि मौजूद रहे।
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ओंकार दास को समर्पित है इस साल का हरेला
संस्था के सचिव तन्मय ममगाईं ने बताया कि इस वर्ष का हरेला उत्तराखंड के लोक वाद्य ढोल के ज्ञाता स्व. ओंकार दास को समर्पित है। धाद के हरेला अभियान के अंतर्गत उन बच्चों को हरेला एंबेसडर बनाया गया। लगभग 50 हरेला एंबेसडर बच्चों ने राज्यपाल से मुलाकात की।
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