अच्छी खबर: कोविड काल में आउटसोर्स पर रखे कर्मियों का होगा समायोजन, स्वास्थ्य मंत्री ने की घोषणा
प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों व मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों से एक सप्ताह के भीतर खाली पदों का विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है। उपलब्ध खाली पदों के आधार पर हटाए गए आउटसोर्स कर्मियों के समायोजन का प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।
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स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि कोरोना काल में आउटसोर्स पर रखे गए कर्मचारियों को विभाग और मेडिकल कॉलेजों में खाली पदों पर समायोजित किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कैबिनेट में रखा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि कोविड काल के दौरान अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में आउटसोर्स पर रखे गए जिन कर्मचारियों को 31 मार्च से सेवा से हटा दिया गया है, उन्हें दोबारा से खाली पदों पर समायोजित किया जाएगा।
इसके लिए सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों व मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों से एक सप्ताह के भीतर खाली पदों का विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है। उपलब्ध खाली पदों के आधार पर हटाए गए आउटसोर्स कर्मियों के समायोजन का प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संबंधी सुधार, आपदा एवं महामारी प्रबंधन व आमजन के स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता पर आधारित विषयों पर वक्ताओं ने विचार रखे।
निदेशक एनएचएम डॉ.सरोज नैथानी ने सामुदायिक भागीदारी के लिए स्वास्थ्य मेलों, रैलियों, रक्तदान शिविरों एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन को जरूरी बताया। वरिष्ठ परामर्शदाता राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण डॉ.गिरीशी जोशी ने बाढ़, बर्फीले तूफान, हिमस्खलन जैसी गंभीर मौसमी घटनाओं के दौरान स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का प्रस्तुतीकरण दिया।
वन प्लानेट वन हेल्थ पर रखे विचार
पूर्व पीसीसीएफ उत्तराखंड एसटीएस लेप्चा ने वन प्लानेट वन हेल्थ पर अपने विचार रखे। एसडीसी फाउंडेशन अध्यक्ष अनूप नौटियाल ने ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन व सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग की चुनौतियों एवं समाधान पर विचार रखे। आयुर्वेदिक फिजीशियन डॉ.शिखा प्रकाश ने स्वास्थ्य एवं आरोग्य के लिए योग, आहार के प्रभाव विषय पर जानकारी दी। खाद्य एवं औषधि नियंत्रक विभाग के प्रभारी उपायुक्त गणेश कंडवाल ने इट राइट इंडिया अभियान एवं स्थानीय खाद्य उत्पादों के महत्व के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में सचिव स्वास्थ्य डॉ.पंकज पांडेय ने कहा कि हमें बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपने आस-पास के पर्यावरण का भी ध्यान रखना होगा। इसके साथ ही अपने खान-पान पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने के लिए चिंतन शिविर लगेगा
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत व सुगम बनाने के लिए कार्य योजना तैयार की जाएगी। इसके लिए शीघ्र ही दो दिवसीय स्वास्थ्य चिंतन शिविर आयोजित कर विशेषज्ञों से राय ली जाएगी। शिविर में देश और प्रदेश के डॉक्टरों व स्वास्थ्य विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा, मिले सुझावों के आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन के लिए एक वर्षीय कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
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क्लीनिकल इंस्टेब्सिमेंट एक्ट की खामियां होंगी दूर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड व गोल्डन कार्ड धारकों को उपचार के दौरान जिन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनके शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। निजी अस्पतालों के पंजीकरण संबंधी क्लीनिकल एक्ट की खामियों को शीघ्र दूर किया जाएगा। इस संबंध में भी जल्द से जल्द निर्णय ले लिया जाएगा।