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Dehradun News: किराये के मकान में छाप रहा था नकली नोट, एसटीएफ ने दबोचा
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II80 हजार रुपये मूल्य के 500-500 के नकली नोट बरामद, 28 नोट अधछपे भी पकड़े
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Iकैनाल रोड पर रेस्टोरेंट चलाता है आरोपी, ग्राहकों को दे देता था नकली नोट
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Iघर बैठकर बेरोजगार लोगों से भी करता था नौकरी के नाम पर ठगी, एसटीएफ जांच में जुटी
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Iकिराये के मकान में रहकर नकली नोट छापने के आरोपी को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। आरोपी का कैनाल रोड पर एक रेस्टोरेंट है जिसकी आड़ में इन नोटों को संचालित भी करता है। इसके पास से 80 हजार रुपये मूल्य के 500-500 रुपये के नोट बरामद हुए हैं। 28 नोट अधछपे और प्रिंटिंग मशीन व लैपटॉप भी एसटीएफ ने जब्त किए हैं। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
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Iएसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि एसटीएफ को सूचना मिली थी कि त्योहारी सीजन में एक व्यक्ति नकली नोटों को बाजार में खपत कर रहा है। सूचना के आधार पर एसटीएफ ने एक टीम का गठन किया गया। सूचना मिली कि व्यक्ति का नाम परमित है और वह आईएसबीटी के पास मूलचंद एन्क्लेव में रहता है। एसटीएफ उसकी गतिविधियों पर नजर रखने लगी। पता चला कि उसका कैनाल रोड पर अन्नपूर्णा नाम से रेस्टोरेंट भी है।
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Iएसटीएफ ने शुक्रवार रात एक काले रंग की कार को रोका। कार सवार से पूछताछ की गई तो वह सकपकाने लगा। उसने अपना नाम परमित कुमार निवासी कुड़ी, खरखौदा, मेरठ बताया। उसकी कार में पांच-पांच सौ रुपये के नोटों के दो बंडल मिले। इनकी गिनती की गई तो ये कुल 160 नोट पाए गए। एसटीएफ आरोपी को लेकर उसके मूलचंद एन्क्लेव स्थित घर पर भी गई। वहां पर लैपटॉप और कुछ पेपर बरामद हुए।
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Iएक पेपर पर 28 नोट भी छपे हुए थे, जिन्हें अभी काटा नहीं गया था। इसके आधार पर उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह रेस्टोरेंट में ग्राहकों से नकली नोट असली में बदल लेता है। इसके अलावा वह सामान खरीदने में भी बाजार में इन नोटों की खपत करता है। उसने यह सब अपने रेस्टोरेंट को घाटे से उबारने और त्योहार में अच्छी कमाई के कारण शुरू किया था। आरोपी को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।
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Iजेल में सीखा धंधा
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Iआरोपी इससे पहले नोएडा से जेल जा चुका है। उस वक्त उसे फर्जी कॉल सेंटर चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। परमित की जेल में कुछ ऐसे बंदियों से मुलाकात हुई जो नोट छापने के आरोप में जेल में बंद थे। वहीं से उसने इस धंधे की बारीकियों को भी सीखा था। नोट छापने के लिए वह बेहद अच्छी गुणवत्ता के पेपर का इस्तेमाल करता है। नोटों को कोरा नहीं चलाता है बल्कि इसके लिए उन्हें मोड़ और तोड़कर पुराना रूप देता है। ताकि, किसी को इस बात का पता न चल सके। आरोपी ने टोल प्लाजा पर भी हजारों रुपये इस तरह से चलाए हैं।
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Iअब भी ठग रहा था बेरोजगारों को
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Iआरोपी इतना शातिर किस्म का है कि उसने ठगी का धंधा अब भी जारी रखा था। वह घर से ही बेरोजगार युवाओं को फोन करता है। उनसे तमाम नौकरियों में रजिस्ट्रेशन के नाम पर 1500 से 2000 रुपये जमा कराए जाते हैं। इसके लिए उसने मल्टी टास्क जॉब नाम से कॉल सेंटर भी बनाया था। इसके उसने विजिटिंग कार्ड भी छपवाए हुएथे। आरोपी की इस संबंध में जांच की जा रही है कि अब तक उसने कितने नोट छापकर बाजार में खपाए हैं।I
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II80 हजार रुपये मूल्य के 500-500 के नकली नोट बरामद, 28 नोट अधछपे भी पकड़े
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Iकैनाल रोड पर रेस्टोरेंट चलाता है आरोपी, ग्राहकों को दे देता था नकली नोट
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Iघर बैठकर बेरोजगार लोगों से भी करता था नौकरी के नाम पर ठगी, एसटीएफ जांच में जुटी
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Iकिराये के मकान में रहकर नकली नोट छापने के आरोपी को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। आरोपी का कैनाल रोड पर एक रेस्टोरेंट है जिसकी आड़ में इन नोटों को संचालित भी करता है। इसके पास से 80 हजार रुपये मूल्य के 500-500 रुपये के नोट बरामद हुए हैं। 28 नोट अधछपे और प्रिंटिंग मशीन व लैपटॉप भी एसटीएफ ने जब्त किए हैं। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
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Iएसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि एसटीएफ को सूचना मिली थी कि त्योहारी सीजन में एक व्यक्ति नकली नोटों को बाजार में खपत कर रहा है। सूचना के आधार पर एसटीएफ ने एक टीम का गठन किया गया। सूचना मिली कि व्यक्ति का नाम परमित है और वह आईएसबीटी के पास मूलचंद एन्क्लेव में रहता है। एसटीएफ उसकी गतिविधियों पर नजर रखने लगी। पता चला कि उसका कैनाल रोड पर अन्नपूर्णा नाम से रेस्टोरेंट भी है।
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Iएसटीएफ ने शुक्रवार रात एक काले रंग की कार को रोका। कार सवार से पूछताछ की गई तो वह सकपकाने लगा। उसने अपना नाम परमित कुमार निवासी कुड़ी, खरखौदा, मेरठ बताया। उसकी कार में पांच-पांच सौ रुपये के नोटों के दो बंडल मिले। इनकी गिनती की गई तो ये कुल 160 नोट पाए गए। एसटीएफ आरोपी को लेकर उसके मूलचंद एन्क्लेव स्थित घर पर भी गई। वहां पर लैपटॉप और कुछ पेपर बरामद हुए।
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Iएक पेपर पर 28 नोट भी छपे हुए थे, जिन्हें अभी काटा नहीं गया था। इसके आधार पर उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह रेस्टोरेंट में ग्राहकों से नकली नोट असली में बदल लेता है। इसके अलावा वह सामान खरीदने में भी बाजार में इन नोटों की खपत करता है। उसने यह सब अपने रेस्टोरेंट को घाटे से उबारने और त्योहार में अच्छी कमाई के कारण शुरू किया था। आरोपी को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।
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Iजेल में सीखा धंधा
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Iआरोपी इससे पहले नोएडा से जेल जा चुका है। उस वक्त उसे फर्जी कॉल सेंटर चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। परमित की जेल में कुछ ऐसे बंदियों से मुलाकात हुई जो नोट छापने के आरोप में जेल में बंद थे। वहीं से उसने इस धंधे की बारीकियों को भी सीखा था। नोट छापने के लिए वह बेहद अच्छी गुणवत्ता के पेपर का इस्तेमाल करता है। नोटों को कोरा नहीं चलाता है बल्कि इसके लिए उन्हें मोड़ और तोड़कर पुराना रूप देता है। ताकि, किसी को इस बात का पता न चल सके। आरोपी ने टोल प्लाजा पर भी हजारों रुपये इस तरह से चलाए हैं।
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Iअब भी ठग रहा था बेरोजगारों को
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Iआरोपी इतना शातिर किस्म का है कि उसने ठगी का धंधा अब भी जारी रखा था। वह घर से ही बेरोजगार युवाओं को फोन करता है। उनसे तमाम नौकरियों में रजिस्ट्रेशन के नाम पर 1500 से 2000 रुपये जमा कराए जाते हैं। इसके लिए उसने मल्टी टास्क जॉब नाम से कॉल सेंटर भी बनाया था। इसके उसने विजिटिंग कार्ड भी छपवाए हुएथे। आरोपी की इस संबंध में जांच की जा रही है कि अब तक उसने कितने नोट छापकर बाजार में खपाए हैं।I