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खनिज पट्टे में सांठगांठ कर पहुंचाया सरकार को नुकसान
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खनिज पट्टे के ऑनलाइन टेंडर में षड्यंत्र कर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया है। टेंडर प्रक्रिया में बोली लगाने वालों की आईडी गोपनीय रहती है, लेकिन आरोप है कि तीन लोगों ने आपस में आईडी बताई और जानबूझकर कम कीमत में पट्टे को लेने का प्रयास किया। इस मामले में विभाग की ओर से महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
रायपुर थाना प्रभारी अमरजीत सिंह के मुताबिक, अपर निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म इकाई एलएल पैट्रिक की शिकायत पर षड्यंत्र और धोखाधड़ी के आरोप में धर्मवीर सिंह पंवार, भागदेई गगाड़ी व शरद सिंह चौहान के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि उत्तरकाशी की तहसील डुंडा के ग्राम सिंगोटी स्थित उप खनिज लाट सिंगोटी-1 के आवंटन के लिए विभाग ने ई-निविदा आमंत्रित की। 13 से 16 अप्रैल 2018 तक ई नीलामी प्रक्रिया पूरी की गई। इस प्रक्रिया में 11 प्रतिभागी शामिल हुए। इसके बाद 14 अप्रैल और 10 मई 2018 को प्रक्रिया में शामिल होने वालों के बीच साठगांठ की शिकायत मिली। निदेशक खनन जीडी प्रसाद ने उपनिदेशक को विभागीय जांच सौंपी।
जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट आठ अगस्त को दी थी। जांच में पाया गया कि उप खनिज क्षेत्र सिंगोटी-1 के दो बोलीदाता धर्मवीर सिंह परमार और भागदेई गंगाड़ी के साथ षड्यंत्र रचकर सरकार को न सिर्फ राजस्व की हानि पहुंचाई बल्कि एक-दूसरे को अपनी आईडी बताकर जानबूझकर बोली को आगे नहीं बढ़ाया। वह निर्धारित से कम कीमत में पट्टे को लेने का प्रयास कर रहे थे। इसी तरह एक अन्य उप खनिज लाट सिंगोटी-03 के दो प्रतिभागी धर्मवीर सिंह परमार और शरत सिंह चौहान ने भी सांठगांठ कर विभाग को नुकसान पहुंचाया।
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रायपुर थाना प्रभारी अमरजीत सिंह के मुताबिक, अपर निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म इकाई एलएल पैट्रिक की शिकायत पर षड्यंत्र और धोखाधड़ी के आरोप में धर्मवीर सिंह पंवार, भागदेई गगाड़ी व शरद सिंह चौहान के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि उत्तरकाशी की तहसील डुंडा के ग्राम सिंगोटी स्थित उप खनिज लाट सिंगोटी-1 के आवंटन के लिए विभाग ने ई-निविदा आमंत्रित की। 13 से 16 अप्रैल 2018 तक ई नीलामी प्रक्रिया पूरी की गई। इस प्रक्रिया में 11 प्रतिभागी शामिल हुए। इसके बाद 14 अप्रैल और 10 मई 2018 को प्रक्रिया में शामिल होने वालों के बीच साठगांठ की शिकायत मिली। निदेशक खनन जीडी प्रसाद ने उपनिदेशक को विभागीय जांच सौंपी।
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जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट आठ अगस्त को दी थी। जांच में पाया गया कि उप खनिज क्षेत्र सिंगोटी-1 के दो बोलीदाता धर्मवीर सिंह परमार और भागदेई गंगाड़ी के साथ षड्यंत्र रचकर सरकार को न सिर्फ राजस्व की हानि पहुंचाई बल्कि एक-दूसरे को अपनी आईडी बताकर जानबूझकर बोली को आगे नहीं बढ़ाया। वह निर्धारित से कम कीमत में पट्टे को लेने का प्रयास कर रहे थे। इसी तरह एक अन्य उप खनिज लाट सिंगोटी-03 के दो प्रतिभागी धर्मवीर सिंह परमार और शरत सिंह चौहान ने भी सांठगांठ कर विभाग को नुकसान पहुंचाया।
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