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सियासत: भाजपा से निष्कासित हरक सिंह की कांग्रेस में वापसी पर हरीश का पेच, माफी से पहले नहीं दिए क्षमादान के संकेत
Mon, 17 Jan 2022 11:44 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 17 Jan 2022 11:44 PM IST
सार
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत यह संकेत दे रहे हैं कि डॉ. हरक अपने किए की माफी मांग लें तो वह पार्टी में उनके स्वागत के लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने गेंद हाईकमान के पाले में डाल दी है। उनका कहना है कि पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वह श्रेष्ठ होगा।
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फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
विस्तार
भाजपा से निकाले गए पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की कांग्रेस में वापसी पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का पेच आ गया है। दूसरी तरफ वह यह संकेत भी दे रहे हैं कि डॉ. हरक अपने किए की माफी मांग लें तो वह पार्टी में उनके स्वागत के लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने गेंद हाईकमान के पाले में डाल दी है।
उनका कहना है कि पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वह श्रेष्ठ होगा। लेकिन इसमें भी पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का ख्याल रखा जाना चहिए। दूसरी तरफ प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह की राय हरीश से इतर नजर आ रही है। उनका कहना है कि यदि हरक पार्टी में आते हैं तो उनका स्वागत किया जाना चाहिए।
हरक सिंह रावत की वापसी के सवाल पर अमर उजाला से बातचीत में हरीश रावत ने कहा कि उनसे अभी तक इस बारे में राय नहीं ली गई है। यदि पार्टी इस मुद्दे पर कोई निर्णय लेती है तो सभी चीजों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। वर्ष 2016 के घटनाक्रम को भी ध्यान में रखना चाहिए। उस वक्त जो घटना हुई थी, वह हरीश रावत के प्रति नहीं, लोकतंत्र के प्रति अपराध था। संसदीय परंपराओं के प्रति अपराध था।
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पार्टी के प्रति अपराध था। यदि आपने (हरक सिंह) अपराध किया है तो आपमें प्रायश्चित करने की भी हिम्मत होनी चाहिए। पार्टी अगर उन्हें शामिल कराती है तो वह इस विषय में इतना ही कहना चाहेंगे कि पार्टी का निर्णय हमेशा श्रेष्ठ होता है, लेकिन इसमें जनता और कार्यकर्ताओं की भावनाओं का भी ख्याल रखा जाना चाहिए।
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उनका कहना है कि पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वह श्रेष्ठ होगा। लेकिन इसमें भी पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का ख्याल रखा जाना चहिए। दूसरी तरफ प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह की राय हरीश से इतर नजर आ रही है। उनका कहना है कि यदि हरक पार्टी में आते हैं तो उनका स्वागत किया जाना चाहिए।
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हरक सिंह रावत की वापसी के सवाल पर अमर उजाला से बातचीत में हरीश रावत ने कहा कि उनसे अभी तक इस बारे में राय नहीं ली गई है। यदि पार्टी इस मुद्दे पर कोई निर्णय लेती है तो सभी चीजों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। वर्ष 2016 के घटनाक्रम को भी ध्यान में रखना चाहिए। उस वक्त जो घटना हुई थी, वह हरीश रावत के प्रति नहीं, लोकतंत्र के प्रति अपराध था। संसदीय परंपराओं के प्रति अपराध था।
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पार्टी के प्रति अपराध था। यदि आपने (हरक सिंह) अपराध किया है तो आपमें प्रायश्चित करने की भी हिम्मत होनी चाहिए। पार्टी अगर उन्हें शामिल कराती है तो वह इस विषय में इतना ही कहना चाहेंगे कि पार्टी का निर्णय हमेशा श्रेष्ठ होता है, लेकिन इसमें जनता और कार्यकर्ताओं की भावनाओं का भी ख्याल रखा जाना चाहिए।
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कई बार पार्टी में रणनीतिक निर्णय लेने पड़ते हैं...
हरक सिंह रावत कांग्रेस में वापसी पर सीधे तौर पर तो हरीश रावत ने कुछ नहीं कहा, लेकिन यह भी जोड़ा की राजनीति में कई बार रणनीतिक निर्णय लेने पड़ते हैं। लेकिन इन निर्णयों में पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
उनका इशारा साफ था कि यदि पार्टी हाईकमान डॉ. हरक सिंह रावत को पार्टी में शामिल कराती है तो हरीश रावत के मुद्दों को पहले सुलझा लिया जाए, उनकी जिस बात पर नाराजगी है, उसे पहले दूर कर लिया जाएग। मतलब, हरक सिंह रावत वर्ष 2016 में उनकी सरकार गिराने के कृत्य को लेकर माफी मांगे, इसके बाद ही पार्टी में उनकी एंट्री कराई जाए।
विजय बहुगुणा को बताया मुख्य आरोपी
अगर पूर्व सीएम विजय बहुगुणा भी कांग्रेस पार्टी में वापस आते हैं तो? इस सवाल पर हरीश रावत ने कहा कि वर्ष 2016 में जब पार्टी के नौ विधायकों ने बगावत कर उनकी सरकार गिराई थी, तब बगावत की कमान विजय बहुगुणा ही संभाल रहे थे। इसलिए विजय बहुगुणा की तो पार्टी में वापसी का सवाल ही पैदा नहीं होता है। उन्होंने जो किया, लोकतंत्र में वह माफी के लायक नहीं है। उन्होंने बहुगुणा को 2016 की सियासी बगावत का मुख्य आरोपी बताया।
कई बार पार्टी में रणनीतिक निर्णय लेने पड़ते हैं...
हरक सिंह रावत कांग्रेस में वापसी पर सीधे तौर पर तो हरीश रावत ने कुछ नहीं कहा, लेकिन यह भी जोड़ा की राजनीति में कई बार रणनीतिक निर्णय लेने पड़ते हैं। लेकिन इन निर्णयों में पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
उनका इशारा साफ था कि यदि पार्टी हाईकमान डॉ. हरक सिंह रावत को पार्टी में शामिल कराती है तो हरीश रावत के मुद्दों को पहले सुलझा लिया जाए, उनकी जिस बात पर नाराजगी है, उसे पहले दूर कर लिया जाएग। मतलब, हरक सिंह रावत वर्ष 2016 में उनकी सरकार गिराने के कृत्य को लेकर माफी मांगे, इसके बाद ही पार्टी में उनकी एंट्री कराई जाए।
विजय बहुगुणा को बताया मुख्य आरोपी
अगर पूर्व सीएम विजय बहुगुणा भी कांग्रेस पार्टी में वापस आते हैं तो? इस सवाल पर हरीश रावत ने कहा कि वर्ष 2016 में जब पार्टी के नौ विधायकों ने बगावत कर उनकी सरकार गिराई थी, तब बगावत की कमान विजय बहुगुणा ही संभाल रहे थे। इसलिए विजय बहुगुणा की तो पार्टी में वापसी का सवाल ही पैदा नहीं होता है। उन्होंने जो किया, लोकतंत्र में वह माफी के लायक नहीं है। उन्होंने बहुगुणा को 2016 की सियासी बगावत का मुख्य आरोपी बताया।