{"_id":"5c34b8f5bdec22569c67c7b9","slug":"harish-rawat-political-party-uttarakhand","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब मशरूम की ‘सियासी दावत’ देंगे हरदा, 12 जनवरी को लाल भात और भटवाणी की उठेगी महक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब मशरूम की ‘सियासी दावत’ देंगे हरदा, 12 जनवरी को लाल भात और भटवाणी की उठेगी महक
Wed, 09 Jan 2019 08:30 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 09 Jan 2019 08:30 AM IST
विज्ञापन
harish rawat
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पहाड़ी व्यंजनों की दावतों से अपनी सियासी जमीन पुख्ता करने के साथ ही कांग्रेस के दूसरे गुट को सियासी संदेश देने में भी जुटे हैं। इसी क्रम में हरदा की ओर से अब 12 जनवरी को देहरादून में मशरूम पार्टी का आयोजन किया जा रहा है।
विज्ञापन
काफल, आम, भुट्टा, ककड़ी और पहाड़ी फलों की पार्टी के बाद मकर संक्रांति पर हरीश रावत की ओर से आमंत्रित मेहमान मशरूम के अलावा विभिन्न पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद लेंगे। ये मेहमान दावत में मशरूम से बने पहाड़ी व्यंजन भटवाणी, लाल भात, मूली की टपकिया, मंडुवे की लेसू रोटी का स्वाद लेंगे। देहरादून में 12 जनवरी को एक वेडिंग प्वाइंट में होने वाली इस दावत में मशरूम गर्ल दिव्या रावत और उनके साथियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
विज्ञापन
हरीश रावत बीते काफी समय से अपनी राजनीतिक गतिविधियों के बजाय स्वाद से भरपूर इन आयोजनों से चर्चा बटोरते रहे हैं। 2018 में दिल्ली से लेकर राज्य के विभिन्न शहरों में पहाड़ी व्यंजनों की दावतें राजनीतिक गलियारों की सुर्खियां बनती रही हैं। यहां यह भी गौरतलब है कि हरीश रावत की दावतों में परोसे गए व्यंजनों का स्वाद लेने से कांग्रेस के दूसरे गुट ने हमेशा परहेज किया। कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति में अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हरीश रावत प्रदेश की राजनीति में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का कोई न कोई मौका बना ही लेते हैं। नए साल में उत्तरायणी के पावन पर्व पर मशरूम पार्टी का आयोजन कर हरदा पहाड़ी उत्पादों की वकालत के साथ कांग्रेस के साथियों को भी राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं।
विज्ञापन
मैं लंबे समय से पहाड़ी खाद्य पदार्थों को जन-जन तक पहुंचाने की मुहिम में जुटा हूं। इससे उत्तराखंड की संस्कृति का भी प्रचार प्रसार हो रहा है। युवा पीढ़ी में भी अपने स्थानीय उत्पादों के प्रति समझ व रुचि बढ़ रही है। सभी को न्योता भेजा जा रहा है।
-हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री