उत्तराखंड में राजनीतिक भूचाल के बाद बैकफुट पर रावत सरकार
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उत्तराखंड की राजनीति में पिछले छह माह से लगातार भूचाल मचाने वाले पुलिस के ऐतिहासिक घोडे़ ‘शक्तिमान’ को लेकर विवादों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है।
‘शक्तिमान’ की प्रतिमा स्थापना और उनके अनावरण को लेकर नया विवाद खड़ा होने के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सफाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने ‘शक्तिमान’ की प्रतिमा का अनावरण फिलहाल नहीं करने का निर्णय लिया है। उचित समय आने पर प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ‘शक्तिमान’ की प्रतिमा के डिजाइन में बदलाव के साथ ही पूरी भव्यता से प्रतिमा को स्थापित किया जाएगा। सरकार ने शक्तिमान चौक स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिसके लिए जिला प्रशासन को जमीन तलाशने के निर्देश जारी किए गए हैं।
आंदोलनकारियों की स्मृति में होगी चौक की स्थापना
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि वह हाल फिलहाल भी प्रतिमा का अनावरण करते तो उसके कई राजनीतिक मायने निकाले जाते। मुख्यमंत्री रावत ने यह भी कहा है कि शक्तिमान चौक के साथ ही उत्तराखंड आंदोलनकारियों की स्मृति में चौक की स्थापना की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों विधानसभा के पास ‘शक्तिमान’ की प्रतिमा स्थापित की गई। लेकिन, रातोंरात यह प्रतिमा उतार ली गई जिसे लेकर काफी राजनीतिक भूचाल मचा है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री रावत ने ज्योतिषियों के कहने पर प्रतिमा का अनावरण नहीं किया।
दरअसल 18 अप्रैल को भाजपा की ओर से आयोजित विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस में तैनात घोड़ा ‘शक्तिमान’ घायल हो गया था। पैर में संक्रमण होने की वजह से उसका पैर काटना पड़ा था। तमाम प्रयासों के बावजूद घायल ‘शक्तिमान’ को बचाया नहीं जा सका था।