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...तो इस तरह गिर सकती है उत्तराखंड सरकार

Fri, 21 Mar 2014 02:02 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 21 Mar 2014 02:02 PM IST
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harish rawat government in danger after satpal maharaj resignation

पौड़ी से सांसद सतपाल महाराज के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड सरकार पर एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

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मुख्यमंत्री हरीश रावत से मनमुटाव के बाद कांग्रेस से सांसद सतपाल महाराज का इस्तीफा राज्य सरकार के गणित को बिगाड़ सकता है।

हालांकि इस मामले में कांग्रेस नेता व कैबिनेट मंत्री इंदिरा हृदयेष का कहना है कि सतपाल महाराज के बीजेपी में जाने से रावत सरकार को कोई खतरा नही है वो सभी विधायकों से बात कर रहे है साथ ही उनको सतपाल महाराज के बीजेपी में जाने का दुख है।

सतपाल महाराज के पास सत्ता की चाबी!

harish rawat government in danger after satpal maharaj resignation

विजय बहुगुणा के बाद प्रदेश की कमान हरीश रावत के मिलने के साथ ही रावत और सतपाल महाराज के बीच मनमुटाव शुरू हो गए थे।

मौजूदा समय में प्रदेश में कांग्रेस सरकार के पास 33 विधायक हैं। अब जब सतपाल महाराज बीजेपी में शामिल हो गए हैं तो उनकी मंत्री पत्नी अमृता रावत के भी कांग्रेस छोड़ने की अटकलें तेज हो गईं हैं। 70 विधायकों वाली उत्तराखंड में बीजेपी के पास 30 विधायक हैं।

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सतपाल महाराज के पास करीब आधा दर्जन विधायक

harish rawat government in danger after satpal maharaj resignation

सतपाल महाराज के पास उनकी मंत्री पत्नी अमृता रावत के अलावा करीब आधा दर्जन विधायक सीधे तौर पर उनके करीबी बताए जाते हैं।

वहीं सहयोगी दल पीडीएफ के नेता मंत्री प्रसाद नैथानी से उनकी नजदीकियां भी सीएम की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।

ऐसे में सतपाल महाराज का खेमा हरीश रावत की कुर्सी गिराने का माद्दा रखती है। गौरतलब है कि रावत के सीएम बनने के समय सतपाल महाराज और उनके समर्थक विधायकों ने जमकर हंगामा किया था।

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रावत और सतपाल में 36 का आंकड़ा

harish rawat government in danger after satpal maharaj resignation

कुछ ही दिन पहले जब हरीश रावत श्रीनगर आए तो सतपाल महाराज पर व्यंग्य करने से नहीं चूके।

स्वागत के दौरान जब हरीश रावत ने डा. हरक सिंह रावत को एक गुलाब भेंट किया, तो हरक पूछ बैठे कि गुलाब तो दिया, लेकिन क्या इसके कांटे हटा लिए हैं।

जवाब में मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में हरक सिंह को संबोधित करते हुए कहा कि हम सबको मिलकर दूसरों की राह के कांटों को हटाना है। इस प्रदेश के गांवों को संवारना है। इसलिए मैंने तो कांटे पहले ही हटा रखे हैं।

इसी तरह, महाराज को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराज हमें सहयोग तो देते हैं, पर आशीर्वाद नहीं देते। हमें उनके आशीर्वाद की भी जरूरत है।

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