Haridwar: बोले श्रीमहंत रविंद्रपुरी, पद देने का अधिकार सिर्फ निरंजनी अखाड़े के पंच और सचिव को
श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि आचार्य महामंडलेश्वर ने राष्ट्रीय प्रवक्ता का पद किसी को दिया है। यह जानकारी उनके संज्ञान में पंजाब के कुछ समाचार-पत्रों के माध्यम से आई है।
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पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने गुर सिमरन सिंह को राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया तो विरोध के स्वर उठने लगे। अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि अखाड़े में किसी को भी पद देने का अधिकार केवल अखाड़े के पंच और सचिव को है, न की आचार्य महामंडलेश्वर को। अखाड़े के पंच प्रकरण की जांच के बाद आगे का निर्णय लेंगे।
शुक्रवार को प्रेस को जारी बयान में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि आचार्य महामंडलेश्वर ने राष्ट्रीय प्रवक्ता का पद किसी को दिया है। यह जानकारी उनके संज्ञान में पंजाब के कुछ समाचार-पत्रों के माध्यम से आई है।
आचार्य महामंडलेश्वर को ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए, किसको पद देना है या नहीं देना है ये कार्य उनका नहीं है। आचार्य महामंडलेश्वर अपना पूजा पाठ का काम करते हैं। निरंजनी अखाड़े में पद देने या अन्य कार्य में उनका कोई अधिकार नहीं होता है। इस मामले में अखाड़े के पंचों की ओर से जांच की जाएगी। किसे पद दिया गया है और उनका परिचय क्या है, इस पर बाद में निर्णय लिया जाएगा।
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अखाड़े का नहीं अपना निजी प्रवक्ता किया नियुक्त : कैलाशानंद
निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ने कहा कि हमने अखाड़े का प्रवक्ता नहीं, बल्कि अपना निजी प्रवक्ता नियुक्त किया है। बहुत सारे ऐसे मामले होते हैं, जिस पर आचार्य होने के कारण बोलना शोभा नहीं देता। इस कारण हमने एक हिंदूवादी सनातन धर्म के प्रचारक और शिष्य को निजी राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया है। अखाड़े के बीच कोई मतभेद नहीं है। सचिव और अन्य पदाधिकारियों और संतों से इस विषय पर चर्चा हो गई है। किसी प्रकार का विवाद या तूल देने जैसा मुद्दा नहीं है। मैं जो भी कार्य करुंगा वह अखाड़े के हित और परंपरा के अनुरूप होगा।