Haridwar: चकबंदी विभाग में विजिलेंस का छापा, 50 हजार की रिश्वत लेते लेखपाल रंगेहाथ गिरफ्तार
Haridwar Bribe Case News: आरोपी लेखपाल ने पीड़ित को धमकी देते हुए मुकदमा लिखने से बचाने के नाम पर डेढ़ लाख मांगे थे। लेकिन 50,000 रुपये देना तय हुआ था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जमीन को लेकर चल रहे विवाद में मुकदमा दर्ज होने से बचाने की एवज में 50 हजार की रिश्वत लेते हुए देहरादून से आई विजिलेंस की टीम ने चकबंदी विभाग के लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ करने के बाद टीम उसे देहरादून लेकर रवाना हो गई। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
एसपी विजिलेंस रेनू लोहानी के मुताबिक, मोहम्मद यूसुफ निवासी ग्राम बोडाहेड़ी रुड़की ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2013 में खरीदी गई वसीयत की जमीन को उसने खरीद-फरोख्त कर बेच दिया था। इसका वाद एडीएम कोर्ट में विचाराधीन है। इस मामले में चकबंदी कार्यालय बहादराबाद में तैनात लेखपाल वीरेंद्र कुमार निवासी सिंधी वाली गली गंगनहर रुड़की ने धमकी दी कि एडीएम कोर्ट से मामले में पुलिस में मुकदमा दर्ज करने के आदेश हो गए हैं।
आरोप है कि लेखपाल ने मुकदमे से बचाने के लिए डेढ़ लाख की डिमांड की। बाद में 50 हजार में मामला तय हो गया। विजिलेंस ने शिकायत की जांच कराई, जिसमें मामला सही निकला। बृहस्पतिवार को चकबंदी कार्यालय बहादराबाद में जैसे ही शिकायतकर्ता ने लेखपाल को रिश्वत दी, उसी समय विजिलेंस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि थाना सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर देहरादून में आरोपी लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
यहां दर्ज कराएं शिकायत
एसपी विजिलेंस रेनू लोहानी ने बताया कि अगर किसी भी सरकारी कर्मचारी, अधिकारी किसी कार्य के लिए रिश्वत की मांग करता है तो टोल फ्री नंबर 1064, और UK1064 एप, सतर्कता अधिष्ठान की वेबसाइट www.vigilance.uk.gov.in के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।