फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   haridwar news: Matri sadan Swami Shivanand angry over installing stone crushers relaxation in standard

हरिद्वार: स्टोन क्रशर लगाने के मानक में छूट देने पर भड़के मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद 

Sat, 13 Nov 2021 06:57 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 13 Nov 2021 06:57 PM IST
सार

परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के आदेशों में लिखा है कि रायवाला से भोगपुर तक गंगा से पांच किमी दूर तक खनन नहीं होगा और स्टोन क्रशर नहीं लगाए जाएंगे, लेकिन सरकार लगातार अपनी मनमानी कर रही है।

विज्ञापन
haridwar news: Matri sadan Swami Shivanand angry over installing stone crushers relaxation in standard
स्वामी शिवानंद महाराज - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने नई खनन नीति में गंगा की धारा से एक किलोमीटर दूर स्टोन क्रशर लगाने की अनुमति पर सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यदि गंगा से एक किलोमीटर दूर स्टोन क्रशर लगाने संबंधी अनुमति रद्द नहीं की गई तो मातृ सदन बड़ा आंदोलन शुरू करेगा। इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र भेजने के साथ ही हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया जाएगा। 

विज्ञापन


लगातार अपनी मनमानी कर रही सरकार
शनिवार को मातृ सदन में पत्रकार वार्ता करते हुए परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि 9 अक्तूबर 2018 के राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के आदेशों में साफ तौर पर लिखा है कि रायवाला से भोगपुर तक गंगा से पांच किलोमीटर दूर तक खनन नहीं होगा और स्टोन क्रशर नहीं लगाए जाएंगे, लेकिन सरकार लगातार अपनी मनमानी करते हुए इस दूरी को कम करती आ रही है।
विज्ञापन


राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के आदेशों की अवहेलना करते हुए पहले पांच किलोमीटर से तीन किलोमीटर स्टोन क्रशर लगाने की छूट दी और बाद में यह डेढ़ किलोमीटर कर दी गई, जबकि अब सरकार की ओर से नई नीति में इस दूरी को और कम करके एक किलोमीटर दूर स्टोन क्रशर लगाने की मंजूरी दे दी गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 

गंगा सरकार की पैतृक संपत्ति नहीं
उन्होंने कहा कि गंगा सरकार की पैतृक संपत्ति नहीं है, बल्कि भारत की अमूल्य धरोहर है। इसलिए सरकार की गंगा के किनारों पर स्टोन क्रशर खोलने की नई नीति के खिलाफ पूर देशभर में आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा। जिसमें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की ओर से गंगा के 5 किलोमीटर दायरे में क्रशर लगाने को प्रतिबंधित का पालन कराने की मांग की जाएगी। 



उन्होंने कहा कि धर्म नगरी के साधुओं को भी धर्म के लिए काम करना चाहिए। किसी राजनीति दल का प्रचार-प्रसार करने वाले साधुओं के नाम पर कलंक हैं। वह धर्मनगरी के साधु-संतों से मर्यादा में रहने की मांग करते हैं, ताकि धर्म और साधु-संत राजनीतिक लोगों की कठपुतली बनने से बचे रहें। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed