भिक्षा मांगने वाली हंसी से मिलने पहुंचीं राज्य मंत्री रेखा आर्य, कहा - समाज कल्याण विभाग में मिलेगी नौकरी
कुमाऊं विश्वविद्यालय की होनहार और डबल एमए करने वाली अल्मोड़ा की हंसी प्रहरी के हरिद्वार में भिक्षा मांगने की खबर अमर उजाला में छपते ही धर्मनगरी के लोगों के बाद अब प्रदेश सरकार भी उनकी मदद के लिए आगे आई है।
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महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य ने हरिद्वार पहुंचकर हंसी से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कहा कि हंसी को महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग में नौकरी दी जाएगी। 19 सितंबर को अमर उजाला ने अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर क्षेत्र के हवालबाग ब्लॉक के रणखिला गांव की हंसी प्रहरी के हरिद्वार में भिक्षा मांगने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इसी दिन धर्मनगरी के कई संगठन उनकी मदद को आगे आए थे और प्रशासन ने भी तीन दिन के भीतर आवास उपलब्ध कराने को कहा था। मंगलवार को दोपहर करीब सवा दो बजे महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य जवाहर लाल नेहरू युवा केंद्र पहुंचीं। करीब आधा घंटे तक उन्होंने हंसी प्रहरी से बंद कमरे में मुलाकात की। बाद में पत्रकारों से बातचीत में रेखा आर्य ने कहा कि हंसी को महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग में नौकरी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जब हंसी के सामने नौकरी करने का प्रस्ताव रखा गया तो उन्होंने इस पर विचार करने के लिए एक दिन का समय मांगा। राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कहा कि यदि वह विभाग में नौकरी करने को तैयार हो जाती हैं तो उनको आवास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी और उनके बेटे की पढ़ाई भी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल हंसी के रहने की व्यवस्था करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।
खुफिया विभाग के एक दरोगा ने हंसी के बारे में पूरी जानकारी जुटाई
इससे पहले सोमवार को खबर छपने के बाद खुफिया विभाग ने जानकारी जुटाकर शासन को रिपोर्ट भेजी तो दूसरी तरफ कई लोग हंसी प्रहरी और उनके बेटे परीक्षित कुमार के चेहरे पर हंसी लाने के लिए सामने आए। कुछ लोगों ने तत्काल आर्थिक मदद भी मुहैया कराई। एसडीएम ने भी हंसी प्रहरी से मिलकर हालचाल जाना और तीन दिन के अंदर आवास दिलाने का आश्वासन दिया।
सोमवार के अंक में अमर उजाला ने अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर क्षेत्र के हवालबाग ब्लॉक के रणखिला गांव की हंसी प्रहरी के हरिद्वार में भिक्षा मांगने की खबर प्रमुुखता से प्रकाशित की थी। दोपहर तक यह बात शहर में आग की तरह फैल गई। सबसे पहले खुफिया तंत्र हरकत में आया और सत्यता जानने में जुट गया।
खुफिया विभाग के एक दरोगा ने हंसी के बारे में पूरी जानकारी जुटाई। इसी बीच बैरागी कैंप निवासी शालिनी नागरकोटी नेहरू युवा केंद्र पहुंचीं। शालिनी कुमाऊं विवि के अल्मोड़ा कैंपस की छात्रा रह चुकी हैं, वे हंसी से एक क्लास सीनियर थीं। शालिनी ने जब उनकी मदद करने की बात कही तो हंसी एकदम नाराज हो गईं।
कुछ देर बाद सामान्य हुई तो अपनी कई बातें शालिनी से शेयर की। बिल्केश्वर निवासी मेडिकल की छात्रा समृद्धि ने पांच हजार की मदद करने की बात कही तो पहले तो हंसी ने मना कर दिया, लेकिन लोगों के समझाने पर राजी हो गईं। ‘बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ’ की ब्रांड एंबेसडर मनु शिवपुरी भी हंसी की सुध लेने पहुंचीं।
उन्होंने कहा कि वह हंसी और उनके बेटे के रहने की व्यवस्था करेंगी। उन्होंने हंसी को नौकरी का प्रस्ताव दिया तो उन्होंने असमर्थता जताई। हालांकि, मनु शिवपुरी ने कहा कि वे जिस तरह का काम करना चाहेंगी उसी तरह का काम उपलब्ध कराया जाएगा।
हंसी की होगी काउंसिलिंग
राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कहा कि हंसी की शारीरिक और मानसिक स्थित पूरी तरह से ठीक नहीं है, इसलिए पहले उनकी काउंसिलिंग की जाएगी। मनोवैज्ञानिक और समाजशास्त्री की मदद ली जाएगी। हंसी के स्वास्थ्य में जब कुछ सुधार होगा तो उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत हंसी को लेकर गंभीर हैं। अब सरकार की जिम्मेदारी है कि उसकी कैसे देखरेख करनी है।
हरिद्वार नहीं छोड़ना चाहती हंसी
राज्यमंत्री रेखा आर्य ने जब हंसी के सामने अल्मोड़ा या देहरादून में रहने और वहीं नौकरी करने को कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया। हंसी ने कहा कि वह हरिद्वार नहीं छोड़ना चाहती। उन्होंने कहा कि वह धर्मनगरी में गंगा किनारे अपना जीवन बीताना चाहती हैं।