एनएच के प्रोजेक्टों पर टिका है हरिद्वार महाकुंभ का ट्रैफिक प्लान, 2021 से पहले पूरा करने का लक्ष्य
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हरिद्वार महाकुंभ की तैयारियों में जुटी त्रिवेंद्र सरकार के लिए भारतीय राष्ट्रीय सड़क प्राधिकरण (एनएचआई) की छह प्रमुख निर्माणाधीन परियोजनाएं चिंता का सबब बनी हैं। प्रदेश सरकार इन सभी परियोजनाओं को महाकुंभ के आयोजन से पहले पूरा कराना चाहती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि महाकुंभ का ट्रैफिक प्लान इन परियोजनाओं के आधार पर ही तैयार होना है।
पिछले दिनों कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को लेकर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी से मिले और उन्हें सरकार की चिंता से अवगत कराया। लोक निर्माण विभाग की ओर से केंद्रीय मंत्री को हरिद्वार को जोड़ने वाली प्रस्तावित राजमार्ग योजनाओं का प्रस्तुतीकरण दिया गया। कैबिनेट मंत्री कौशिक की मानें तो गडकरी ने निर्माणाधीन परियोजनाओं को महाकुंभ से पहले पूरा करने का वादा किया है।
एनएच-58 का चौड़ीकरण 2020 तक पूरा हो
एनएचएआई के सामने सबसे बड़ी चुनौती राष्ट्रीय राजमार्ग 58 के चौड़ीकरण की है। करीब 80 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट पर 2010 में काम शुरू हुआ था, जो अब तक अधूरा है। परियोजना की भौतिक प्रगति 71.73 प्रतिशत है। उत्तराखंड की सीमा में 58 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट को फरवरी 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य है। महाकुंभ के आयोजन के लिए ये मोटर मार्ग हवाई अड्डे और प्रदेश की राजधानी को जोड़ने के लिए बेहद अहम है। इस प्रोजेक्ट को दो चरणों में बनाया जा रहा है। जिसके तहत एक आरओबी, एक आरयूबी, दो वैहक्यूलर अंडरपास, पांच बड़े और तीन छोटे पुल, तीन एलीफेंट अंडर पास, तीन बस वेज व अन्य कार्य अभी पूरे होने हैं।
हर हाल में बनना जरूरी है मुजफ्फरनगर हरिद्वार एनएच
हरिद्वार से मुजफ्फरनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को चार लेन में बदलने की परियोजना पर कार्य चल रहा है। ये मार्ग नवंबर 2020 तक हर हाल में बनना आवश्यक है। सरकार की मानें तो तीर्थनगरी में सबसे अधिक श्रद्धालु इसी मोटर मार्ग से दाखिल होते हैं। यानी उत्तराखंड पुलिस महाकुंभ का जो ट्रैफिक प्लान तैयार करेगी, उसका सबसे बड़ा आधार यही मोटर मार्ग होगा।
हरिद्वार के भीतर एलीवेटेड पुल का निर्माण
हरिद्वार के भीतर महाकुंभ क्षेत्र में मायापुरी स्केप चैनल में 1.05 किमी लंबाई का एक एलीवेटेड संरचना एवं बड़े पुल का निर्माण किया जाना है। इसकी लागत करीब 45 करोड़ है। इस कार्य की भौतिक प्रगति फिलहाल 11.50 प्रतिशत है। इस परियोजना का पूरा करने के लिए एनएचएआई को युद्धस्तर पर काम करना होगा। प्राधिकरण को ये कार्य मई 2020 में पूरा करना है।
रुड़की-छुटमलपुर-गागलहेड़ी एनएच-73 और छुटमलपुर-गणेशपुर एनएच72 के ये कार्य भी कुंभ शुरू होने से पहले पूरे होने जरूरी हैं। एनएच 73 का 30.975 किमी हिस्सा उत्तराखंड में और 22.32 किमी भाग उत्तरप्रदेश में है। ये मार्ग यूपी से रुड़की एवं हरियाणा के यमुनानगर को जोड़ता है। कुंभ में पंजाब, हरियाणा और यूपी से श्रद्धालुओं के आने का ये प्रमुख मार्ग होगा। एनएचएआई ने इस मोटर मार्ग के चौड़ीकरण का 72.89 प्रतिशत कार्य वर्तमान में पूरा कर लिया है। परियोजना के तहत एक अंडरपास, तीन बड़े पुल, एक फ्लाईओवर, एक आरओबी बनाने का कार्य जारी है। इसे भी फरवरी 2020 तक पूरा होना है।
ये कार्य भी पूरे होने आवश्यक
-73 किमी लंबा एनएच-74 हरिद्वार-नगीना एनएच कुंभ से पहले बनना जरूरी। 989.54 करोड़ लागत के इस कार्य की भौतिक प्रगति 6.46 है।
-33 किमी लंबाई के बहादराबाद और बिहारीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकण से हिमाचल, हरियाणा, पंजाब और यूपी से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक मार्ग का कार्य करेगा।