फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   haridwar maha kumbh 2021 news: covid negative report necessary in Kumbh, but you have this option too

हरिद्वार कुंभ 2021ः कुंभ में आने के लिए कोविड निगेटिव रिपोर्ट जरूरी, लेकिन आपके पास ये भी है विकल्प

Wed, 24 Mar 2021 11:27 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 24 Mar 2021 11:27 PM IST
सार

  • कुंभ में कोविड रिपोर्ट को लेकर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने साफ की तस्वीर, कहा- उच्च न्यायालय का है साफ निर्देश

विज्ञापन
haridwar maha kumbh 2021 news: covid negative report necessary in Kumbh, but you have this option too
हरिद्वार कुंभ - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि कहीं से भी हरिद्वार कुंभ में आने के लिए 72 घंटे पहले की कोविड की निगेटिव रिपोर्ट लेकर आना जरूरी होगा। मुख्य सचिव ओम प्रकाश का कहना है कि उच्च न्यायालय के यह स्पष्ट निर्देश हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि लोग चाहे तों टीकाकरण की रिपोर्ट भी ला सकते हैं। दोनों में से किसी एक के होने पर कुंभ के दौरान स्नान की अनुमति दी जाएगी।

विज्ञापन


बुधवार को मीडिया से मुखातिब मुख्य सचिव ने कुंभ में कोविड रिपोर्ट को लेकर छाया कुहासा साफ कर दिया। केंद्र की गाइडलाइन के अनुरूप पूर्व की त्रिवेंद्र सरकार ने सह साफ किया था कि कोविड के लिए 72 घंटे पहले की कोविड निगेटिव रिपोर्ट लेकर आना जरूरी होगा। नेतृत्व परिवर्तन के बाद नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कुंभ में आने पर कोई रोक नहीं होगी।
विज्ञापन


उन्होंने इतना जरूर कहा कि केंद्र की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करना होगा। इसके बाद मुख्यमंत्री के कहने का आशय यही माना जा रहा था कि कुंभ में स्नान के लिए आने वालों को कोविड रिपोर्ट की बंदिश से छुटकारा मिल जाएगा, पर अब मुख्य सचिव ने स्थिति साफ कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


Corona in Uttarakhand: कोरोना को लेकर बढ़ रही चिताओं के बीच देहरादून रेलवे स्टेशन पर महज खानापूर्ति, तस्वीरें

सीमा पर रिपोर्ट की जांच करना कठिन
प्रदेश सरकार के सामने कोरोना मुक्त महाकुंभ के आयोजन की चुनौती जस की तस है। अभी तीन शाही स्नान बाकी हैं और शाही स्नान पर लाखों लोग जुटते हैं। ऐसे में सीमा पर लाखों लोगों की कोविड निगेटिव रिपोर्ट की जांच की व्यवस्था भी सरकार को करनी होगी। खुद मेला प्रशासन का मानना है कि यह इतना आसान नहीं है। कारण यह भी है कि स्नान के लिए लोग रात भर पैदल चलकर हरिद्वार पहुंचते रहे हैं। रात भर लोगों के आने का तांता लगा रहता है।

एक अप्रैल से सामने आएगा सही रुख
कुंभ की अधिसूचना के एक अप्रैल से लागू होने का अनुमान है। ऐसे में एक अप्रैल से सरकार को कुंभ के लिए जारी एसओपी का पालन भी करना होगा और लोगों से भी करवाना होगा। मानक प्रचालन प्रक्रिया या एसओपी में साफ है कि 72 घंटे तक की निगेटिव रिपोर्ट लानी होगी, सामाजिक दूरी का पालन करना होगा, मास्क लगाना होगा। ऐसे में इन नियमों के पालन को लेकर सरकार के रुख से भी साफ होगा कि सरकार लोगों को बेरोकटोक आने देने के पक्ष में है या नहीं।

केंद्र के पत्र के बाद बढ़ा दबाव
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की ओर से जारी पत्र के बाद से प्रदेश सरकार पर नियमों के तहत कुंभ के आयोजन का दबाव बन गया था। अन्य राज्यों में कोरोना के मामले बढ़ने पर कुंभ आयोजन के ‘सुपर स्प्रेडर इवेंट’ बनने की आंशका अंदरखाने जताई जा रही है और इसी को देखते हुए केंद्र ने साफ तौर पर कुंभ के आयोजन में सख्त रुख अपनाने का निर्देेश दिया।

कुंभ में कोविड की निगेटिव रिपोर्ट जरूरी : हाईकोर्ट 

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और मेलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोविड की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य करें। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि जिन लोगों को कोविड की दो बार वैक्सीन लग चुकी है वे इसका प्रमाणपत्र साथ में लाएंगे। कोर्ट ने कहा कि मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पूर्ण रूप से पालन होना चाहिए। हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री के उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हरिद्वार महाकुंभ में कोविड रिपोर्ट लानी जरूरी नहीं है। 
इसके अलावा, हाईकोर्ट ने एम्स के डॉक्टरों के उन सुझावों पर भी विचार करने के लिए कहा है, जिनमें प्रत्येक दस बेड पर एक डॉक्टर व स्टाफ की नियुक्ति,  प्रत्येक अस्पताल में सुविधायुक्त पांच एंबुलेंस और एयर एंबुलेंस की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई थी। मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने महाकुंभ मेले के इंतजामों और क्वारंटीन सेंटरों की बदहाली के मामले में दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान उक्त निर्देश सरकार और मेलाधिकारी को दिए।

महाकुंभ मेले के इंतजामों पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शिव भट्ट, हरिद्वार की जिला विकास प्राधिकरण सचिव शिवानी पसबोला और मेलाधिकारी दीपक रावत की ओर से कुंभ व्यवस्थाओं के निरीक्षण की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया कि मेलाधिकारी ने हरकी पैड़ी और मेला क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है परंतु जहां पर महिलाएं स्नान कर रहीं हैं, उनके वाशरूम अच्छी स्थिति में नहीं है।

उनमें सुविधाओं का अभाव है। कुछ लोग स्नान कर रहीं महिलाओं की वीडियो भी बना रहे हैं जो महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है। इसलिए मेला क्षेत्र में एक महिला अधिकारी की नियुक्ति की जाए जो वहां निरीक्षण और निगरानी करे। याचिकाकर्ता ने आईजी संजय गुंज्याल से अनुरोध किया कि इन स्थानों पर वर्दी में या बिना वर्दी के महिला पुलिसकर्मी नियुक्त किए जाएं। याचिकाकर्ता ने याचिका में यह भी तथ्य उठाया कि ऋषिकेश, तपोवन मुनिकीरेती के घाटों की हालत जर्जर है। सरकार ने इनको सुधारने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है। इस पर कोर्ट ने मुख्य सचिव व वित्त सचिव से इस पर विचार करने के लिए कहा है।  कोर्ट ने मेलाधिकारी, मुख्य सचिव, वित्त सचिव व आईजी संजय गुंज्याल को निर्देश दिए हैं कि वे याचिकाकर्ता के अधिवक्ता के साथ मेला क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे और 30 मार्च तक मेलाधिकरी अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेंगे।

बता दें कि अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली व देहरादून निवासी सच्चिदानंद डबराल ने भी क्वारंटीन सेंटरों व कोविड अस्पतालों की बदहाली और उत्तराखंड वापस लौट रहे प्रवासियों की मदद और उनके लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने को लेकर न्यायालय में में अलग-अलग जनहित याचिकाएं दायर की हैं। 

हाईकोर्ट ने की मेलाधिकारी की सराहना
हाईकोर्ट ने कुंभ मेले के लिए मेलाधिकारी दीपक रावत की ओर से हरिद्वार में की गई व्यवस्थाओं की सराहना की है जबकि ऋषिकेश में व्यवस्थाओं में कुछ और कार्य भी किए जाने की आवश्यकता जताई है। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने न्यायालय को अवगत कराया कि मेला अधिकारी ने हरकी पैड़ी व मेला क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है ।

हरिद्वार में तीन दिन कैंप करेंगे मुख्य सचिव व सचिव स्वास्थ्य

कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर हाईकोर्ट का बेहद सख्त रुख सामने आया है। न्यायालय ने मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी व आईजी कुंभ को 26, 27 और 28 मार्च को हरिद्वार में कैंप करने को कहा है। तीनों अधिकारी कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को देखेंगे। साथ ही यह सुनिश्चित करेंगे कि कोविड 19 महामारी की रोकथाम को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कितना पालन हो रहा है।

बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय ने कुंभ मेला की व्यवस्थाओं की प्रगति की जानकारी ली। सूत्रों के मुताबिक, कुंभ मेला क्षेत्र में कोविड गाइडलाइन का अक्षरश: पालन करने के संबंध में निर्देश दिए गए। हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र में शामिल ऋषिकेश, मुनि की रेती व जौंक गांव क्षेत्र में व्यवस्थाएं नहीं जुटाई जा सकी हैं। इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर महिलाओं के लिए चैंजिंग रूम, अस्थायी ट्वायलेट्स व अन्य सुविधाएं जुटाई जाएंगी। वित्त विभाग इस संबंध में स्वीकृतियां जारी करेगा। 

सड़कों के किनारे मलबा हटेगा, और पुलिस जुटेगी 
कुंभ मेला क्षेत्र में जहां भी सड़कों के किनारे मलबा पड़ा है, उसे हटाने के लिए अभियान चलेगा। साथ ही आवश्यकता के अनुसार, पुलिस की व्यवस्था को भी बढ़ाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed