हरिद्वार कुंभ मेला 2021: शाही स्नान के दिन हरकी पैड़ी पर संतों की नहीं होगी रैपिड जांच
11 मार्च को महाशिवरात्रि के शाही स्नान के दिन हरकी पैड़ी पर संतों की थर्मल स्क्रीनिंग और रैंडम एंटीजन कोविड जांच नहीं की जाएगी। मालवीय घाट पर केवल एक मेडिकल टीम तैनात रहेगी। हालांकि मेला क्षेत्र और बॉर्डर पर श्रद्धालुओं की रैंडम जांच के लिए 50 टीमें तैनात रहेंगी।
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11 मार्च को महाशिवरात्रि के शाही स्नान के दिन हरकी पैड़ी पर संतों की थर्मल स्क्रीनिंग और रैंडम एंटीजन कोविड जांच नहीं की जाएगी। मालवीय घाट पर केवल एक मेडिकल टीम तैनात रहेगी। हालांकि मेला क्षेत्र और बॉर्डर पर श्रद्धालुओं की रैंडम जांच के लिए 50 टीमें तैनात रहेंगी।
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स्नान पर्वों के दौरान हरकी पैड़ी और मालवीय घाट पर श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग और रैंडम कोविड जांच के लिए बूथ बनाए जाते हैं। महाशिवरात्रि के शाही स्नान के दिन हरकी पैड़ी पर जांच बूथ नहीं लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने थर्मल स्क्रीनिंग के लिए 100 टीमें बनाई हैं। वहीं कोविड जांच के लिए भी इस बार टीमों की संख्या 40 से बढ़ाकर 50 की गई है। वहीं एंबुलेंस की संख्या को बढ़ाकर 32 से 54 किया जाएगा।
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इसके अलावा मेला क्षेत्र में 50 मेडिकल टीम भी तैनात की जाएंगी। सीएमओ डॉ. एसके झा ने बताया राज्यसीमा और मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की रैंडम एंटीजन कोविड जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि श्रद्धालु कोविड पॉजिटिव पाया जाता है तो उसको आईसोलेट किया जाएगा। जिसके बाद उसकी आरटीपीसीआर जांच होगी। स्वास्थ्य विभाग एंटीजन जांच के लिए मोबाइल वैन संचालन पर भी विचार कर रहा है।
अस्थायी बेस अस्पताल में मिलेगा इलाज
महाशिवरात्रि के स्नान के मद्देनजर पावनधाम बनाए गए अस्थायी कोविड अस्पताल को खोल दिया जाएगा। अस्पताल में चिकित्सकीय संसाधनों उपलब्धता, चिकित्सकों और मेडिकल स्टॉफ की तैनाती की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दूधाधारी चौक स्थित बाबा बर्फानी कोविड संक्रमितों को आइसोलेट करने के लिए 100 बेड भी आरक्षित रखे गए हैं।
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जर्जर भवनों पर नहीं चढ़ने देंगे श्रद्धालुओं को
कुंभ मेला क्षेत्र के जर्जर भवनों को लेकर प्रशासन गंभीर हो गया है। पेशवाई के दौरान ऐसे भवनों को नहीं चढ़ने दिया जाएगा। सभी भवनों को चिह्नित करके वहां पुलिस की तैनाती की जाएगी। मालूम हो कि पेशवाई देखने के लिए पुराने जर्जर भवनों पर बड़ी संख्या में लोग चढ़ रहे हैं।
पिछले दिनों धर्मनगरी में कुंभ से पहले निकाली गई अखाड़ों की पेशवाई के दौरान सामने आया कि कई जर्जर भवनों की छतों पर लोग चढ़ गए थे। ऐसे भवनों के गिरने की आशंका जताई जा रही है। इसलिए मेला प्रशासन सतर्क हो गया है।
मेलाधिकारी दीपक रावत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सी रवि शंकर को पत्र भेजा था। पत्र में गिरासू और जर्जर हो चुके भवनों पर लोगों के चढ़ने पर दुर्घटना की आशंका जताई गई है। जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम हरिद्वार को शहर में खड़े गिरासू और जर्जर भवनों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मेलाधिकारी दीपक रावत ने पुलिस महानिरीक्षक कुंभ को ऐसे सभी भवनों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के लिए कहा है।
नाराज संतों को मनाएंगे शहरी विकास मंत्री
इस दौरान पुरी ने कहा कि महाकुंभ में कथाओं पर रोक से संत नाराज हैं। उन्होंने जनहित में अन्न क्षेत्रों को भी खोलने की मांग उठाई। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने जल्द संतों से मिलकर समस्याओं पर चर्चा कर समाधान का आश्वासन दिया।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि और श्री निरंजनी अखाड़े के कुंभ मेला प्रभारी श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने बताया कि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक शाही स्नान की तैयारियों को लेकर संतों से चर्चा करने आए थे। उन्होंने कैबिनेट मंत्री को बताया कि महाकुंभ में कथा पर रोक से महामंडलेश्वरों में नाराजगी है।
धर्म का प्रचार-प्रसार कथा आदि के माध्यम से होता है। उन्होंने सीएम से कथाओं से रोक हटाने और अन्न क्षेत्रों को खोलने की भी मांग की है। रविंद्रपुरी महाराज ने बताया कि 11 मार्च को होने वाले पहले शाही स्नान की तैयारियों के लिए कैबिनेट मंत्री से चर्चा की गई।
किस तरीके की व्यवस्था रहेगी, इन सभी विषयों पर विचार विमर्श किया गया। कैबिनेट मंत्री ने संतों से कहा कि कुंभ दिव्य और भव्य होगा। जो भी संत नाराज हैं, उनसे बात कर समस्या का समाधान किया जाएगा।