Haridwar Kumbh 2021 : कोरोना का झटका, 4000 करोड़ का कुंभ 800 करोड़ में सिमटा
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कांग्रेस के पूर्व सीएम और राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत कुंभ आयोजन को लेकर प्रदेश सरकार पर लगातार हमलावर हैं। हरीश रावत ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के दौरे के समय भी यह सवाल उठाया था और कहा था कि केंद्र सरकार और पैसा दे। रावत ने इसके साथ ही यह भी कहा था कि कुंभ के निर्माण पूरे नहीं हो पाए हैं और सरकार कुंभ में स्थायी निर्माण को तवज्जो नहीं दे रही है।
शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। कौशिक का कहना है कि न तो कुंभ आयोजन के लिए पैसे की कोई कमी है और न ही निर्माण कार्य की अनदेखी हो रही है। कुुंभ से पहले-पहले हर हाल में सारे निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
इतना होने पर यह अभी साफ नहीं है कि कुंभ का बजट कितना है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक इस पर कुछ कहने को तैयार नहीं है। इतना जरूर है कि सरकार ने पहले चार हजार करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की थी। कोविड को देखते हुए इस कार्ययोजना को दरकिनार कर दिया गया है।
यह कार्ययोजना थी मेला क्षेत्र का विस्तार करना। इसकी जगह अब पंरपरागत मेला स्थान को ही आधार मेला क्षेत्र बनाया गया है। सूत्रों का कहना है कि इस कार्ययोजना के हिसाब से भी करीब 800 करोड़ रुपये इस पर खर्च होने का अनुमान है।
दो अलग-अलग रणनीति पर किया जा रहा है काम
कुंभ मेला के मुख्य स्नान अप्रैल माह में है। ऐसे में सरकार दो अलग-अलग रणनीतियों पर काम कर रही है। कोरोना टीका अगर उपलब्ध हो जाता है तो सरकार आने वालों को लेकर नरम रुख अपना सकती है। इतना होने पर भी सरकार की कोशिश होगी की स्नान के लिए आने वालों से कोविड प्रमाण पत्र मांगा जाए।
मतलब यह कि स्नान करने आएं तो कोवडि निगेटिव प्रमाण पत्र साथ लाएं। दूसरी योजना स्नान के दौरान भीड़ नियंत्रण की है। इसके लिए कुंभ के लिए स्पेशल ट्रेन, बस आदि की संख्या कम करने से लेकर श्रद्धालुओं से कोविड प्रमाणपत्र लेने आदि के उपाय किए जा सकते हैं।
सरकार की मुख्य चिंता शाही स्नान और अन्य मुख्य स्नान पर्व पर जुटने वाली भीड़ को लेकर है। अप्रैल माह में सरकार को इस परीक्षा से गुजरना होगा। कहा जा रहा है कि यह बहुत कुछ इस बात पर भी निर्भर करेगा कि कोरोना का रुख क्या रहता है।
अब कुंभ से पहले नहीं बन सकेगा हरिद्वार नगीना फोर लेन
कोविड-19 महामारी और अन्य तकनीकी कारणों से एनएच-74 पर हरिद्वार-नगीना फोर लेन का काम कुंभ से पहले नहीं हो पाएगा। अलबत्ता एनएचएआई डामरीकरण और जरूरी जगहों पर चौड़ीकरण कर इस राजमार्ग को और सुगम बनाने में जरूर जुट गई है। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के मुताबिक, कुंभ क्षेत्र में सड़कों और पुलों के जितने भी कार्य हैं, उन सभी पर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है और वे कुंभ से पहले पूरे हो जाएंगे।
हालांकि प्रदेश सरकार के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि कुंभ से पूर्व योजना थी कि हरिद्वार नगीना राजमार्ग को फोर लेन बनाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसे लक्ष्य बनाकर एनएचआई कार्य कर रहा था। लेकिन वहां प्रस्ताव में एलीवेटर रोड के साथ ही राजमार्ग पर एलीफेंट अंडरपास का निर्माण कार्य जोड़ा गया। इसमें पर्यावरणीय स्वीकृति का भी पेच रहा। इस बीच कोविड के कारण मार्ग निर्माण की इस परियोजना पर भी असर पड़ा।
सूत्रों के मुताबिक, कार्यदायी एजेंसी के काम की गति से भी परियोजना प्रभावित हुई है। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कुंभ के कार्यों को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। उनके इन्हीं सवालों को लेकर जब कौशिक से पूछा गया तो उनका कहना था कि कुंभ क्षेत्र में सड़कों के कार्यों में काफी तेजी है। उनके मुताबिक, कुंभ से पहले सड़कों और पुलों के कार्य पूरे हो जाएंगे।
दिखने लगे सड़कों के काम
हरिद्वार और उसके आसपास अब सड़कों और पुलों के काम दिखाई देने लगे हैं। एनएचएआई के आधिकारिक सूत्रों का दावा है कि दून-हरिद्वार राजमार्ग चौड़ीकरण का काम जनवरी तक तकरीबन पूरा हो जाएगा। परियोजना पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है। हरिद्वार में हर की पौड़ी के पास एनएच 58 पर पुल बना दिए गए हैं। 40 किमी लंबे रुड़की छुटमलपुर बाइपास का निर्माण पूरा हो गया है। आठ किमी छुटमलपुर बाइपास भी तैयार है। बाकी कार्यों में भी तेजी है।
फ्लाईओवर का काम चलता रहेगा
एनएचएआई शांतिकुंज के सामने फ्लाइ ओवर और एलीवेशन का काम कर रहा है। ये काम कुंभ से पहले पूरा नहीं हो पाएगा। इसे कुंभ के दौरान भी जारी रखने का फैसला किया गया है।
हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र और उसके आसपास एनएचएआई के कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं। इन सभी कार्यों को जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। दून-हरिद्वार हाईवे पर कार्य में काफी तेजी है और यह भी कुंभ से पहले पूरा हो जाएगा।- सीके सिन्हा, क्षेत्रीय अधिकारी, एनएएचआई