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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Harela 2026 In Dehradun 15.50 lakh saplings to be planted in Dehradun Green Control Room

Harela 2026: देहरादून में लगेंगे 15.50 लाख पौधे, बनेगा हरित कंट्रोल रूम,16 जुलाई से एक महीने चलेगा अभियान

Tue, 30 Jun 2026 10:29 PM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Published by: Alka Tyagi Updated Tue, 30 Jun 2026 10:29 PM IST
सार

राज्य की रजत जयंती के उपलक्ष्य में इस बार का हरेला पर्व सबसे अलग होगा। आगामी 16 जुलाई से शुरू होने वाला यह लोक पर्व पूरे एक माह तक बेहद खास और यादगार अंदाज में मनाया जाएगा।

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Harela 2026 In Dehradun 15.50 lakh saplings to be planted in Dehradun Green Control Room
- फोटो : adobe stock

विस्तार

हरेला पर्व पर इस बार देहरादून में 15.50 लाख पौधे लगाने की योजना है। इन पौधों की निगरानी के लिए हरित कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा। इसके अलावा इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए क्वालिटी फॉरेस्ट भी विकसित किया जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को हरेला की तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पौधा रोपण केवल रस्म अदायगी नहीं बल्कि इन्हें बचाने के लिए भी व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

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जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि राज्य की रजत जयंती के उपलक्ष्य में इस बार का हरेला पर्व सबसे अलग होगा। आगामी 16 जुलाई से शुरू होने वाला यह लोक पर्व पूरे एक माह तक बेहद खास और यादगार अंदाज में मनाया जाएगा। इस बार जिले में विषय आधारित तरीके से विशेष प्रजातियों के पौधे लगाकर ईको टूरिज्म को एक नई ऊंचाई देने का संकल्प लिया गया है। सभी सरकारी विभागों को पौधा रोपण के स्थान चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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अभियान को पारदर्शी और सफल बनाने के लिए प्रत्येक विभाग में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो सूक्ष्म स्तर पर प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार करेगा। अभियान में आईएमए, सर्वे ऑफ इंडिया, ओएनजीसी और आईटीबीपी को भी जोड़ा जाएगा। जिले में क्षेत्र विशेष की मिट्टी के अनुकूल उच्च गुणवत्ता वाले वन तैयार किए जाएंगे।

पांच साल तक होगी पौधों की देखभाल
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष जिले में 15.50 लाख पौधे लगाने का विशाल लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि लगाए जाने वाले पौधों में 50 प्रतिशत पौधे फलदार और चारा प्रजाति के होंगे। इन पौधों को सिर्फ लगाया ही नहीं जाएगा, बल्कि अगले पांच वर्षों तक रखरखाव और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी तय की जाएगी। इनकी निगरानी के लिए हरित कंट्रोल रूम के अधिकारियों और अफसरों को निर्देशित किया जाएगा।

10 जुलाई तक पूरी करनी होंगी तैयारियां
सभी रेखीय विभागों को आगामी 10 जुलाई तक गड्ढों की खोदाई, जैविक खाद, ट्री गार्ड और पौधों के परिवहन की सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग के चार प्रभागों मसूरी, कालसी, चकराता और देहरादून के माध्यम से सभी विभागों को पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार शर्मा, वैभव सिंह, मयंक कुमार, एसडीओ अभिषेक मैंठाणी सहित कृषि, उद्यान, उद्योग, शिक्षा, खेल, पेयजल और सड़क विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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