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Uttarakhand: दून में हरक सिंह और हरीश रावत के बीच छिड़ी फिर जुबानी जंग, दिल्ली में दिखाई दिए संग

Fri, 06 Jun 2025 10:43 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 06 Jun 2025 10:43 AM IST
सार

पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बीच वार-पलटवार का दौर फिर शुरू हो गया। दोनों एक दूसरे पर सोशल मीडिया पर लगातार आरोप लगा रहे।

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Harak Singh Rawat and Harish Rawat verbal war in Doon seen together in Delhi Congress Meeting
दिल्ली बैठक में हरक सिंह और हरीश रावत - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

विस्तार

कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बीच एक बार फिर से जुबानी जंग छिड़ गई है। 2016 में सरकार गिराने की घटना को लेकर दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर पलटवार किया। वहीं, नई दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कांग्रेस नेताओं की बैठक में साथ दिखे।

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सोशल मीडिया पर वायरल बयान में पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने पलटवार किया कि 2022 में हरीश रावत चुनाव नहीं लड़ते तो कांग्रेस सत्ता में होती। लालकुआं व हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा को छोड़कर कहीं भी प्रचार करने नहीं गए। उस समय भी मैंने हरीश रावत को फोन कर कहा था मेरे तेरे के चक्कर में मत पड़ो, जो जीतने लायक है उसे टिकट दो।
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राजनीतिक में एक ही फंडा होता है जो जीता वहीं सिकंदर
परिवार के लोग ही अपने नहीं होते हैं, राजनीति में तो मेरा तेरा दूर की बात है। राजनीतिक में एक ही फंडा होता है जो जीता वहीं सिकंदर। चुनाव हार जाओ और उसके बाद कितनी यात्रा निकालो, उसका कोई मतलब नहीं है। 2016 की घटना को लेकर हरीश रावत ने मुझे माफ नहीं किया। यह हमारी राजनीतिक लड़ाई है।
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2022 में कांग्रेस में अपनी मर्जी से नहीं आया। 2016 की घटना ने उन सभी को आइना दिखाया जो सत्ता में मदहोश थे। उधर, पूर्व सीएम हरीश रावत ने पलटवार करते हुए कहा, यदि मैं ना करता तो हरक सिंह कांग्रेस में शामिल नहीं होते। मैंने उनके आग्रह का सम्मान किया। हरक सिंह एक सीट जीता कर अपनी क्षमता को साबित तो करें, जिससे 2016 की कट़ुता दूर हाे सके।


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लोकसभा चुनाव में भी वह कहीं दिखाई नहीं दिए। हरक सिंह को हमारे दर्द को समझना पड़ेगा। 2016 में लोकतंत्र व उत्तराखंडियत की हत्या हुई। इसके घाव मेरे सीने में है। आज भाजपा सत्ता में है। वह 2016 की घटना के कारण है। भाजपा को अवसर मिला। मेरी न्याय यात्रा भाजपा के झूठ, लूट व अन्याय के खिलाफ है। जिस झूठ के सहारे भाजपा ने 2017 व 2022 में सत्ता हासिल की है।

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