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Haldwani Violence: टीम के अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचने से लेकर कर्फ्यू तक, पढ़ें कैसे बिगड़ते चले गए हालात

Fri, 09 Feb 2024 09:05 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 09 Feb 2024 09:05 AM IST
सार

3:00 बजे अतिक्रमण हटाने के लिए बनभूलपुरा थाने के पास टीमें पहुंचीं। 4:40 बजे लोग अतिक्रमण स्थल पर जुटने लगे। 4:42 पर लोगों ने विरोध शुरू किया। यहां पढ़ें हल्द्वानी में हुए उपद्रव में कब-क्या हुआ।

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Haldwani Violence Timeline Read how situation worsened in Banbhulpura due to removal of encroachment
Haldwani Violence - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हल्द्वानी में बनभूलपुरा में उपद्रव के दौरान 70 से अधिक वाहनों को जला दिया गया, जबकि कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई। इस दौरान बनभूलपुरा थाने में आग से कई साल पुराने रिकॉर्ड भी जलकर खाक हो गए हैं। 50 से अधिक पुलिस कर्मी और निगम कर्मी समेत 300 से ज्यादा घायल हो गए। पूरे मामले में सामने आया है कि टीम ने कब्जा हटाने की योजना तो बना ली, लेकिन इलाके की तंग गलियों का चक्रव्यूह समझने में चूक गई। यही भूल, उसके लिए आत्मघाती साबित हुई।

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पढ़ें हल्द्वानी में किस समय क्या हुआ
3:00 बजे अतिक्रमण हटाने के लिए बनभूलपुरा थाने के पास टीमें जुटने लगी।
4:23 बजे टीम पुलिस फोर्स के साथ रवाना हुई।
4:30 बजे टीम मलिक के बगीचे में पहुंची।
4:40 बजे लोग अतिक्रमण स्थल पर जुटने लगे।
4:42 पर लोगों ने विरोध शुरू किया।
4:44 पर लोगों ने पुलिस द्वारा लगाई बैरिकेटिंग हटाना शुरू कर दिया। 
4:51 पर अराजक तत्त्वों ने जेसीबी रोकी।
4:55 पर हंगामा शुरू हुआ और पत्थर बाजी हुई।

5:17 बजे अतिक्रमण तोड़न की कार्रवाई शरू की।
5:20 पर लोगों ने जेसीबी तोड़ी।
5:24 पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आसू गैस के गोले दागे।
5:35 पर उपद्रवियों ने वाहनों में आग लगाई।
5:54 पर पुलिसकर्मी घायल हुए।

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6:30 बजे उपद्रवियों ने थाना फूंका। 
7:00 बजे घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल भेजा।
7:30 पर सीएम ने बैठकर कर उपद्रवियों को गोली मारने के आदेश दिए। 
7:48 पर शहर में कर्फ्यू का आदेश जारी हुआ। 
7:55 पर उधमसिंह नगर से और फोर्स हल्द्वानी पहुंची। 
8:00 बजे इंटरनेट सेवा बंद की गई।

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उठ रहा सवाल... कार्रवाई से पहले सर्वे क्यों नहीं 
मलिक का बगीचा में बने अवैध मदरसे और धर्म स्थल को तोड़ने के लिए नगर निगम, प्रशासन और पुलिस की टीम क्षेत्र में बिना हवाई सर्वे के ही घुस गई। बीते चार फरवरी के विरोध के बावजूद पुलिस, प्रशासन और नगर निगम की टीम ने मामले को हल्के में ले लिया। कई मौकों पर ड्रोन से निगरानी करने वाले पुलिस प्रशासन कार्रवाई से पहले हवाई सर्वे तक नहीं करा पाया। 

तंग गलियों का चक्रव्यूह समझने में चूक गई पुलिस
हल्द्वानी के बनभूलपुरा में गुरुवार शाम को अतिक्रमण हटाने को लेकर जमकर बवाल हुआ। इलाके में सरकारी जमीन पर मलिक का बगीचा क्षेत्र में अवैध कब्जा ढहाने की पुलिस, प्रशासन ने योजना तो बना ली, लेकिन इलाके की तंग गलियों का चक्रव्यूह समझने में चूक गई। यही भूल, उसके लिए आत्मघाती साबित हुई। यही नहीं क्षेत्र में अतिक्रमण वाली जगह के चारों ओर बस्ती बसी है। यहां दो से तीन मंजिला मकान बने हैं, जिनकी गिनती हजारों में है। पुलिस-प्रशासन टीम पर सामने से उपद्रवियों के पथराव करते ही छतों से पत्थरों की बारिश होने लगी। प्रशासन ने पुलिस के जोर से काम निकालने की कोशिश जरूर की, लेकिन उपद्रवी इतने उग्र हो गए, मानों जान लेने पर तुले हों। पत्थरबाजी के साथ उनके रौद्र रूप ने पुलिस फोर्स, प्रशासन और नगर निगम की टीम को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया।

उद्रवियों और हमलावरों ने तंग रास्तों का उठाया फायदा
अतिक्रमण तोड़ने का जिस जगह पर काम हुआ, वहां जाने का एक ही रास्ता, वह भी महज 10 फुट चौड़ा है। इसके चारों ओर घनी आबादी है, जहां छोटी-छोटी गलियां हैं। जैसे ही टीम पहुंची, मुख्य मार्ग पर बवाल शुरू हो गया। टीम के अंदर घुसने के बाद चारों ओर से विरोध तेज हो गया। इलाके में पांच से अधिक गलियां हैं, जो काफी तंग हैं और किस गली से कब पत्थर आ रहा था, किसी को अंदाजा ही नहीं लग रहा था। यही वजह रही कि बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी और निगम कर्मी घायल हुए। 

दूसरे जिलों से आई पुलिस को नहीं था हालात का अंदाजा
बनभूलपुरा की तंग गलियों में उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए अंदर घुस रही पुलिस फोर्स उनके ही जाल में फंसती नजर आई। घरों की छतों से पुलिसकर्मियों पर लगातार पथराव होता रहा। बमुश्किल गलियों से बचते-बचाते पुलिसकर्मी किसी तरह मुख्य सड़क पर आ सके। जानकारों की मानें तो बनभूलपुरा में भेजी गई पुलिस फोर्स दूसरे जिलों या अन्य थानों से आई थी जिन्हें इस इलाके का अंदाजा तक नहीं था। अधिकारियों के आदेश का पालन पूरा करने के लिए फोर्स अंदर तो घुस गई, लेकिन वह चक्रव्यूह में फंस गई, जिस कारण जान भी सांसत में आ गई।

हालात बेकाबू...खाली करवाए गए बस अड्डे
हालात बेकाबू होते देख प्रशासन ने हल्द्वानी बस अड्डे को खाली करवा दिया। दिल्ली जाने वाली बसों को भी रोकना पड़ा। इस दौरान दिल्ली जाने वाली करीब 15 बसों को वापस डिपो भेज दिया गया, जबकि सवारी बैठी हुईं बसों को तत्काल रवाना किया गया। एआरएम सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि बवाल की सूचना मिलते ही बसों को हटा दिया गया था। दिल्ली रूट की बसें इससे नहीं जा सकी हैं, जबकि ऑनलाइन सेवा की बसें भी निरस्त कर दी गईं।

संवेदनशील जगहों पर बढ़ाई गश्त 
बवाल के बाद पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। जिले में मिश्रित आबादी वाले थाना क्षेत्रों में संवेदनशील जगहों पर गश्त बढ़ा दी गई है। साथ ही दो कंपनी, दो प्लाटून पीएसी को हल्द्वानी भेजा गया है।ध्वस्तीकरण वाले नोटिस पर रोक पर सुनवाई 14 को मलिक का बगीचा और अच्छन का बगीचा क्षेत्र में अतिक्रमण के ध्वस्तीकरण वाले नोटिस पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई 14 फरवरी को होगी। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित ने मामले की सुनवाई की। 
 

वाटर कैनन और हवाई फायरिंग से भी नहीं रुके
बलभूलपुरा क्षेत्र में आग बुझाने पहुंची दमकल विभाग के वाहन को देखते ही उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने वाटर कैनन गन से उपद्रवियों पर पानी की बौछार कर उन्हें रोकने की कोशिश की। मगर, पथराव कम होने की बजाय बढ़ गया। 

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