{"_id":"65d364f926114978f6069034","slug":"haldwani-violence-83-former-bureaucrats-wrote-a-letter-to-cs-to-remove-curfew-and-judicial-inquiry-2024-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haldwani Violence: 83 पूर्व नौकरशाहों ने लिखा मुख्य सचिव को पत्र, कहा- कर्फ्यू हटाकर न्यायिक जांच हो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haldwani Violence: 83 पूर्व नौकरशाहों ने लिखा मुख्य सचिव को पत्र, कहा- कर्फ्यू हटाकर न्यायिक जांच हो
Mon, 19 Feb 2024 07:57 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 19 Feb 2024 07:57 PM IST
सार
83 पूर्व नौकरशाहों ने कुमाऊं मंडलायुक्त की जांच को नाकाफी बताया और मारे गए लोगों के परिजनों और घायलों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की।
विज्ञापन
हल्द्वानी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हल्द्वानी के बनभूलपुरा में हिंसा और उसके बाद हुई कार्रवाई पर पूर्व नौकरशाहों के कंस्ट्यूशनल कंडक्ट ग्रुप ने चिंता जताते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को पत्र लिखकर तत्काल कर्फ्यू हटाने और निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है।
विज्ञापन
83 पूर्व नौकरशाहों ने कुमाऊं मंडलायुक्त की जांच को नाकाफी बताया और मारे गए लोगों के परिजनों और घायलों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने नफरती भाषण और समूह हिंसा को लेकर सु्प्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को उत्तराखंड में तत्काल लागू करने की मांग की। पत्र में कहा, सरकार ऐसा कदम उठाए, जिससे सभी को सुरक्षा का संदेश मिले।
विज्ञापन
हल्द्वानी हिंसा: मास्टरमाइंड मलिक से होगी 2.68 करोड़ की वसूली, नगर निगम ने जारी की आरसी; DM को भेजा पत्र
विज्ञापन
कहा, बनभूलपुरा आठ दिनों तक कड़े कर्फ्यू में था। वहां 16 फरवरी तक इंटरनेट सेवाएं बंद थीं। कानून के तहत व्यवस्था को बनाए रखने और लोगों के जीवन को खतरे से बचाने के लिए कर्फ्यू लगाया जाता है। प्रशासन ने दावा किया था कि आठ फरवरी को ही हालात पर नियंत्रण स्थापित कर लिया गया है। ऐेसे में इस कर्फ्यू के बने रहने का कोई औचित्य नहीं था।
पत्र में मुख्य सचिव से कहा, प्रशासनिक हेड होने के नाते साफ और न्याय के साथ ही कानून के शासन के प्रति लोगों के भरोसे को फिर से बहाल करने के लिए आप तत्काल कार्रवाई करेंगी। पत्र में हस्ताक्षर करने वालों में रिटायर्ड आईएएस अनिता अग्निहोत्री, जी बालाचंद्रन, चंद्रशेखर बालकृष्णन, राणा बनर्जी, शरद बेहर, नूतन गुहा विश्वास आदि हैं।