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ऊषा हत्याकांड : पहली पत्नी के बेटे का नाम सामने आया, कातिलों के करीब पहुंची पुलिस

Sat, 22 Aug 2020 01:48 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 22 Aug 2020 01:48 PM IST
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haldwani Usha murder: First wife son name came, police close to murderer
प्रतीकात्मक तस्वीर

ऊषा हत्याकांड के मामले में पहली पत्नी के बेटे का नाम पुलिस के समक्ष आया है। पुलिस ने बेटे से पूछताछ के दौरान काफी जानकारियां हासिल की हैं। पुलिस इस मामले में एक अन्य युवक की तलाश कर रही है। पुलिस की जांच में आया है कि ऊषा की शादी से नाराज लोगों ने वारदात को अंजाम दिया है। 

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मित्रपुरम दमुवाढूंगा निवासी टुकटुक मिस्त्री नरेश गंगवार की दूसरी पत्नी ऊषा की घर में गला रेतकर कातिलों ने हत्या कर दी। कातिलों ने मौके पर कोई साक्ष्य नहीं छोड़ा। कमरे की तलाशी के दौरान हत्या में प्रयुक्त हथियार पुलिस को नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि पहली पत्नी का बेटा क्षेत्र में घूम रहा था। शक के आधार पर पुलिस ने नरेश की पहली पत्नी के बेटे को हिरासत में ले लिया। उसने अपने पिता और घटना के बारे में अहम जानकारियां पुलिस को बताईं। 
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पुलिस ने घटना की तह तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में बाइक सवार दो युवक घटनास्थल की ओर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। एसएसपी सुनील कुमार मीणा का कहना है कि हत्या के संबंध में कुछ और साक्ष्य जुटा रहे हैं। शनिवार को पूरे तथ्यों के साथ घटना का खुलासा किया जाएगा।  
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अब सब कुछ बर्बाद हो गया : नरेश

ऊषा के पति नरेश का कहना था कि दो माह पहले उसने मित्रपुरम कॉलोनी में एक कमरे का मकान बनाया था। धीरे धीरे अपनी मेहनत से वह घर गृहस्थी को संवारने में लगा था। पत्नी ऊषा भी दीया बाती बनाकर कुछ पैसे कमा लेती थीं लेकिन ऊषा की हत्या से उसकी गृहस्थी उजड़ गई। पहले वह कमलुवागांजा में किराए के कमरे में रहता था। लेकिन यहां आने के बाद सब कुछ बर्बाद हो गया। अब तीन साल के बेटे जय को वह कैसे संभालेगा। पुलिस ने घटना के संबंध में उससे भी काफी पूछताछ की। 

अनीता हत्याकांड की याद हुई ताजा 

ऊषा की तरह बैलपड़ाव में 31 जनवरी को दिल्ली की अनीता की हत्या हुई थी। कातिलों ने शव को जला दिया था। मौके पर कोई साक्ष्य नहीं था लेकिन कालाढूंगी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से साक्ष्य जुटाने के बाद अनीता के पति सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया था। साल के शुरूआत में अनीता की पहली हत्या थी लेकिन पुलिस ने चुनौतीपूर्ण हत्याकांड का खुलासा किया। 

मुझे आशंका थी कि बेटी को मार डालेगा 

ऊषा की हत्या के बाद उसकी मां अपने दामाद टुकटुक मिस्त्री नरेश पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ऊषा की मां (नरेश की सास) को पहले से आशंका थी कि उसकी बेटी को नरेश मार डालेगा। आरोप लगाया कि रक्षाबंधन के पहले उसने मारपीट कर ऊषा का मोबाइल तोड़ दिया था।

शुक्रवार सुबह मोर्चरी में शव लेने के लिए राजीवनगर बिंदुखत्ता से ऊषा की मां लक्ष्मी और बहन प्रेमा, भाई प्रेम सिंह बिष्ट आए थे। मां लक्ष्मी ने बताया कि उसकी बेटी ऊषा रक्षाबंधन के दिन घर आई थी। बेटी ने बताया कि उसका पति मारपीट करता है। झगड़ा होने पर उसने मारपीट कर मोबाइल भी तोड़ दिया था। उसकी पहली पत्नी का बड़ा बेटा पिता से मिलने के लिए आता है। रात में वह पहली पत्नी का बेटा सोता नहीं था।

मां ने आशंका जताई कि नरेश और उसका बेटा मिलकर उसे मार भी सकते हैं। इस कारण नरेश के पास जाना ठीक नहीं है। पहली पत्नी से उसका नाता तोड़वाना होगा। मां का आरोप यह भी था कि चार साल पहले बेटी नरेश के साथ घर छोड़कर भाग गई थी। बेटा होने पर भी घर आई थी। उसने बेटी को मायके से जाने से मना किया तो नरेश ने उसको भी मारने की धमकी दी। उस समय नरेश की नियत ठीक नहीं लगी। यदि बेटी उसका कहना मान जाती तो ऐसा दिन देखना नहीं पड़ता और उसकी जान बच सकती थी।

बेटे को अनाथालय में भेजने की गुहार लगाई

ऊषा की मां लक्ष्मी देवी का कहना है कि उसका दामाद नरेश ठीक व्यक्ति नहीं है। ऊषा का बेटा जय तीन साल का है। पिता उसे भी मार डालेगा। जिला प्रशासन को बेटे को बालिग होने तक अनाथालय में डाल देना चाहिए। अभी नरेश की पहली पत्नी शांत नहीं बैठेगी। अब खतरा मासूम जय पर है। घटना के बाद नरेश सूचना देना तो दूर, उससे नजर मिलाने तक नहीं आया है।

मासूम ढूंढता रहा मां, महिला कांस्टेबल ने बहलाया

उषा का तीन साल का बेटा जय उस समय घर में नहीं था, जब उसकी हत्या हुई थी। उसकी मां उसे पड़ोस में एक घर छोड़ कर आई थी। मासूम को पता ही नहीं कि उसकी मां अब वापस कभी लौट के नहीं आएगी। परिवार का एक परिचित उसे अपनी गोद में लेकर बहला रहा था। एक ही कमरे का घर है। इसलिए घर के बाहर खड़े टुकटुक में उसे सुलाने की कोशिश की, जब वह नहीं सोया तो महिला कांस्टेबल ने बच्चे को बहलाया तब जाकर उसे नींद आई।

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