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देहरादूनः घर में घुसे गुलदार को लोगों ने कमरे में किया बंद, पांच घंटे रेस्क्यू के बाद निकाला बाहर

Wed, 13 Nov 2019 08:23 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 13 Nov 2019 08:23 AM IST
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Guldar entered in house, people lock him in room
गुलदार - फोटो : सोशल मीडिया

देहरादून जिले के कालसी वन प्रभाग में आज सुबह गुलदार एक घर में घुस गया। जैसे ही लोगों को इसका पता लगा, उन्होंने गुलदार को घर में ही कैद कर लिया। गुलदार इशरान अली व गुलशाद राव के घर में करीब पांच घंटे बंद रहा।

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गुलदार को पांच घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद ट्रेंकुलाइज कर बाहर निकाला जा सका। तिमली रेंज के रेस्ट हाउस में स्वास्थ्य जांच के बाद गुलदार को रेंज के जंगल में छोड़ दिया गया। मंगलवार की सुबह गांव निवासी कादिर (18) पुत्र खलील की नजर घर के बाहर खड़ी कार के नीचे दुबके गुलदार पर पड़ी। यह देख उसके रोंगटे खड़े हो गए।
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घबराकर उसकी चीख निकल गई। जिस पर गुलदार उस पर झपटा पड़ा। कादिर ने किसी तरह खुद को बचाया। फिर गुलदार एक घर की छत में चढ़ा और वहां से छलांग लगाकर अख्तर के घर के एक कमरे में घुस गया। तत्परता दिखाते हुए अख्तर की पत्नी सलामती ने बाहर से दरवाजा बंद कर गुलदार को कैद कर लिया। गुलदार के कैद होने की खबर थोड़ी देर में क्षेत्र में फैल गई।

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ट्रेंकुलाइज कर बेहोश किया गया

गुलदार को देखने के लिए वहां सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच गए। मौके पर डीएफओ एसपी शर्मा और रेंज अधिकारी एडी सिद्धकी की अगुवाई में वन कर्मियों ने पिंजरा लगाकर गुलजार को कैद करने का प्रयास किया, लेकिन सफल ना होने पर देहरादून से विशेषज्ञ डॉ. अदिति शर्मा को बुलाया गया।

दरवाजे में सुराग कर एक कोने में दुबके गुलदार को ट्रेंकुलाइज कर बेहोश किया गया। तब जाकर गुलदार काबू में आया। डीएफओ ने बताया कि काफी देर तक कमरे में बंद रहने के कारण गुलदार जैसा वन्यजीव असहज हो जाता है। जिसके चलते उसे सीधे जंगल में ना छोड़कर पहले विशेषज्ञों की निगरानी में रख कर उसके स्वास्थ्य की जांच कराई गई।

नर था कैद हुआ गुलदार  
कैद हुआ गुलदार नर था। जिसकी उम्र करीब एक साल थी। संभवत तिमली रेंज के जंगल से भटक कर गुलदार गांव में पहुंच गया। तिमली के जंगल में कई गुलदार है। यह जंगल पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से सटा हुआ है। वन क्षेत्राधिकारी एडी सिद्दकी ने बताया कि संभवत: गुलदार आसन नदी को पार कर आबादी क्षेत्र में आ गया होगा। 

गुलदार देखने छतों पर चढ़े लोग

गुलदार को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में आसपास के गांव के लोग भी खुशहालपुर गांव में आ पहुंचे। भीड़ को काबू करने में वन और पुलिस कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। लोग गुलदार की एक झलक पाने के लिए छतों पर चढ़े रहे।

कक्ष संख्या 13 में छोड़ा गया गुलदार
गुलदार को तिमली रेंज के कक्ष संख्या 13 में छोड़ा गया। पिंजरा खुलते ही पहले गुलदार उस गाड़ी की ओर लपका, जिसमें पिंजरा रखा हुआ था। वन कर्मियों द्वारा हाका लगाने के बाद कुछ ही सेकेंड में गुलदार जंगल के बीच आंखों से ओझल हो गया। राजाजी नेशनल पार्क की वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अदिति शर्मा ने बताया गुलदार का रेस्क्यू पूरी तरह से सफल रहा। यही वजह रही कि उसे सीधा जंगल में छोड़ दिया गया।

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