GST: टैक्स वसूली तो बढ़ी, लेकिन सरकार को इस बात में लगा बड़ा झटका
वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली (जीएसटी) लागू होने के बाद उत्तराखंड राज्य में टैक्स वसूली तो बढ़ी है, लेकिन फिर भी राजस्व को झटका लगा है। केंद्र की ओर से जीएसटी से हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए 1500 करोड़ की प्रतिपूर्ति करने से राज्य सरकार को टैक्स से होने वाली आय में नो प्रॉफिट, नो लास की स्थिति होने से थोड़ी राहत है।
केंद्र की ओर से सभी प्रकार के टैक्स को मर्ज कर एक जुलाई 2017 से जीएसटी को लागू किया गया। जिससे उत्तराखंड में स्थापित उद्योगों का सारा टैक्स राज्य से बाहर जा रहा है। वैट की तुलना में राज्य में टैक्स वसूली तो बढ़ी है। लेकिन सरकार को इसका फायदा कम ही हुआ है।
अधिकतर टैक्स सीजीएसटी में जमा होने से उपभोक्ता राज्यों को इसका फायदा मिल रहा है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रदेश सरकार को टैक्स से 7637.31 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। एक जुलाई 2017 से जीएसटी लागू होने के बाद से मार्च 2018 तक राज्य को 5926.73 करोड़ की आय प्राप्त हुई।
जिसमें केंद्र से 1500 करोड़ की प्रतिपूर्ति की गई। प्रतिपूर्ति राशि को शामिल न किया जाए तोे टैक्स से 4426.73 करोड़ का राजस्व सरकार को मिला। जबकि वर्ष 2016-17 में इसी अवधि के दौरान वैट प्रणाली में 5544 करोड़ का टैक्स जमा हुआ था। इसके साथ ही जीएसटी में आईजीएसटी सेटलमेंट के तहत 104.15 करोड़ प्रदेश को मिला है।
राज्य में टैक्स वसूली में 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन जीएसटी के हिसाब से देखा जाए तो टैक्स में मिलने वाले राजस्व में 1500 करोड़ की कमी आई है। जिसकी प्रतिपूर्ति केंद्र की ओर से की गई। जीएसटी लागू होने के बाद अभी तक राज्य को न तो नुकसान हुआ है और न ही टैक्स से राजस्व बढ़ा है।
-प्रकाश पंत, वित्त मंत्री