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Dehradun: जांच के दायरे में चकराता में एक और वन दरोगा, बोले लोग- आरोपियों का किया जाएगा सामाजिक बहिष्कार

Wed, 30 Aug 2023 09:13 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 30 Aug 2023 09:13 AM IST
सार

बीते दो दिन वन संरक्षक यमुना वृत्त डॉ. विनय भार्गव ने इलाके का दौरा कर मौका मुआयना किया और स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर पूरी परिस्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई।

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Green trees cutting Case Another forest inspector in Chakrata is under investigation Dehradun Uttarakhand news
पेड़ काटे - फोटो : संवाद

विस्तार

चकराता वन प्रभाग की कनासर रेंज में संरक्षित प्रजाति के देवदार और कैल के पेड़ों के अवैध कटान के मामले में जांच दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में अब तक रेंजर सहित छह वन कर्मी निलंबित हो चुके हैं। पूर्व में रेंज में तैनात रहे एक अन्य वन दरोगा की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।

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वन दरोगा पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। बीते दो दिन वन संरक्षक यमुना वृत्त डॉ. विनय भार्गव ने इलाके का दौरा कर मौका मुआयना किया और स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर पूरी परिस्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई। वन संरक्षक यमुना वृत्त डॉ. विनय भार्गव ने दो दिन इलाके का दौरा किया।
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इस दौरान मंगलवार को उन्होंने कोटी कनासर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में तीन गांवों कोटी कनासर, त्युणा, मंगताड़ के ग्रामीणों के साथ बैठक की। अवैध कटान की व्यापक रोकथाम के लिए उन्होंने स्थानीय जनसमुदाय से सहयोग मांगा। इस दौरान लोगों ने बताया कि कनासर वन क्षेत्र में ग्राम मशक एवं बिनसौन के कतिपय प्रभावशाली लोगों ने नाप खेत में वृक्षों के पातन की आड़ में इस पूरे गोरखधंधे को अंजाम दिया है।

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संरक्षण एवं अवैध कटान को रोकने के लिए करेंगे काम
डॉ. भार्गव ने बताया कि इस दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे अवैध कटान में लिप्त लोगाें का सामाजिक बहिष्कार करेंगे। इसके अलावा पारंपरिक प्रथा लौटा नमक और घुमरी घुमाना के माध्यम से भी स्थानीय जन समुदाय को संगठित कर वनों के सतत संरक्षण एवं अवैध कटान को रोकने के लिए काम करेंगे।

नाप खेत की अनुमति पर प्रतिबंध लगाने की मांग

बैठक में ग्रामीणों ने नाप खेत की अनुमति पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इलाके के कतिपय रसूखदार लोग नाप खेत की भूमि पर खड़े पेड़ों को काटने की अनुमति की आड़ में वर्षों से अवैध कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने इस प्रथा का पूरी तरह समाप्त किए जाने की मांग की।

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मैंने खुद दो दिन कनासर रेंज के कुछ हिस्सों का दौरा किया। ग्रामीणों से बातचीत भी की। प्रभाग की टीम जांच का काम बेहतर ढंग से कर रही है। मैंने कनासर रेंज के 13 नंबर कंपार्टमेंट में खुद निरीक्षण किया। यहां हमें पावर चैन सो (ट्री कटर) से पेड़ काटे जाने के सबूत मिले हैं। एक अन्य फॉरेस्टर की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। इसके अलावा जांच में कुछ अन्य तथ्य भी सामने आए हैं, उन पर काम किया जा रहा है। शीघ्र ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। - डॉ. विनय भार्गव, वन संरक्षक, यमुना वृत्त, वन विभाग

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