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गजब कारनामा: डेढ़ साल पहले अनुदान का ऐलान, स्वीकृति अब
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 03 Jul 2015 02:14 PM IST
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हरीश रावत की सरकार ने डेढ़ साल पहले प्रदेश के 168 स्कूलों को अनुदान सूची में शामिल तो कर लिया, लेकिन बजट की व्यवस्था नहीं की। अब वित्त से इसकी स्वीकृति ली जा रही है।
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शिक्षा सचिव एमसी जोशी का कहना है कि उस समय स्कूलों के लिए बजट का प्रावधान नहीं किया गया था। अब मामले को मंजूरी के लिए वित्त में भेजा गया है।
विधायक चुफाल ने सरकार पर लगाए आरोप
शासनादेश में स्पष्ट किया गया था कि स्कूलों को अनुदान सूची में शामिल करने की तिथि से ही वेतन भुगतान किया जाएगा, लेकिन डेढ़ साल बाद भी मामला लटका है। डीडीहाट के विधायक बिशन सिंह चुफाल ने बृहस्पतिवार को मामले में अपर मुख्य सचिव एस राजू से मिलकर स्कूलों को वेतन भुगतान की मांग की।
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कहा कि शासनादेश जारी करने के बावजूद सरकार मामले को लटकाए है। वह इस प्रकरण को विधान सभा में उठाएंगे। भाजपा नेता किरत सिंह नेगी ने कहा कि स्कूलों को शीघ्र वेतन भुगतान किया जाए। दूसरी ओर एक सूत्री मांग के लिए अशासकीय विद्यालय संगठन का क्रमिक अनशन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा।
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