फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Government will start Walnut Mission in high Himalayan regions to promote walnut bamboo and oak species

Uttarakhand News: उच्च हिमालयी क्षेत्रों में वेलनट मिशन शुरू करेगी सरकार, कई नए प्रयोग करने की है तैयारी

Wed, 18 Oct 2023 01:45 PM IST
रेनू सकलानी विनोद मुसान, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
विनोद मुसान, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 18 Oct 2023 01:45 PM IST
सार

उच्च हिमालय क्षेत्रों में उद्यान विभाग के साथ मिलकर अखरोट उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वेलनट मिशन के तहत काम किया जाएगा। एक अनुमान के अनुसार, राज्य की आय में वानिकी क्षेत्र की हिस्सेदारी 2.5 से 3.5 प्रतिशत तक है, जबकि वानिकी क्षेत्र को राज्य की आर्थिकी का प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर चिह्नित किया गया है।

विज्ञापन
Government will start Walnut Mission in high Himalayan regions to promote walnut bamboo and oak species
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रदेश में वन संपदा को लोगों की आजीविका से जोड़ते हुए कई नए प्रयोग करने की तैयारी है। इसके तहत उच्च हिमालयी क्षेत्रों सहित मैदानी इलाकों के लिए अलग-अलग योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

विज्ञापन

इसके तहत अखरोट, बांस बांज, सागोन, पापुलर जैसी प्रजातियों को बढ़ावा दिया जाएगा। उच्च हिमालय क्षेत्रों में उद्यान विभाग के साथ मिलकर अखरोट उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वेलनट मिशन के तहत काम किया जाएगा। एक अनुमान के अनुसार, राज्य की आय में वानिकी क्षेत्र की हिस्सेदारी 2.5 से 3.5 प्रतिशत तक है, जबकि वानिकी क्षेत्र को राज्य की आर्थिकी का प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर चिह्नित किया गया है।

विज्ञापन

इसलिए धामी सरकार को इस बात पर जोर है कि कैसे वानिकी क्षेत्र का उपयोग करते हुए इसे वन पंचायतों और लोगों की आजीविका से जोड़ा जाए। इस संबंध में बीते दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन अधिकारियों की बैठक लेकर लंबी चर्चा की थी। इसी बैठक में वानिकी क्षेत्र के राजस्व प्रतिशत को बढ़ाने पर कई मुद्दों पर चर्चा की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके साथ ही लीसा बिक्री के नियमों में भी बदलाव की तैयारी है। प्रदेश में लीसा बिक्री की ऑनलाइन व्यवस्था के तहत नीलामी की जाती है, स्थानीय लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पता है। इसके ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के स्तर से स्थानीय स्तर पर लीस ब्रिकी संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।

काटे जाएंगे यूकेलिप्टस के पुराने पेड़

प्रदेश में यूकेलिप्टस प्रजाति के पुराने पेड़ों को काटने के लिए कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश शासन स्तर पर दिए गए हैं। इनके स्थान पर जरूरत के अनुसार नई प्रजाति के पौधे भी लगाए जा सकते हैं, जो नॉन टिबंर फॉरेस्ट प्रोडेक्ट की श्रेणी में आते हों।

अखरोट उत्पादन के लिए अनुकूल हैं परिस्थितियां

उत्तराखंड अखरोट उत्पादन में देश में जम्मू-कश्मीर के बाद दूसरे नंबर पर आता है। यहां अखरोट उत्पादन के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं। बावजूद बीते कुछ सालों में राज्य में इसका उत्पादन घटा है। राज्य में प्रति वर्ष करीब 18 से 20 हजार मीट्रिक टन अखरोट का उत्पादन होता है। नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, देहरादून, पौड़ी टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इसके उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। यही वजह है कि सरकार अब अखरोट उत्पादन को विशन मोड में शुरू करने जा रही है।

ये भी पढ़ें...Chamoli:  60 किमी ट्रैकिंग कर रूपकुंड पहुंचे ये डीएम, इसी जगह मिले थे 10 फीट लंबे नरकंकाल...जाना लोगों का हाल

राज्य की आय में वानिकी क्षेत्र की हिस्सेदारी का प्रतिशत बढ़ाने के लिए कई कार्ययोजनाओं पर काम किया जा रहा है। मिशन वेलनट और नॉन टिबंर फॉरेस्ट प्रोडेक्ट को बढ़ावा देना इसी रणनीति का हिस्सा है। इसमें जड़ी-बूटियों के उत्पादन को भी शामिल करने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। - सुबोध उनियाल, वन मंत्री

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed