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मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए सीधा भुगतान करेगी सरकार, पढ़िए पूरी खबर
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 13 Nov 2017 01:05 PM IST
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मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए सरकार अब सीधा भुगतान करेगी, इसके लिए सरकार ने कुछ बदलाव किए है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाई) के लाभार्थियों की चार दिन से हो रही फजीहत को देखते हुए त्रिवेंद्र सरकार ने तय किया है कि जब तक योजना को नए सिरे से शुरू नहीं कर दिया जाता, तब तक सरकार अपने खर्चे से ऐसे मरीजों का इलाज करवाएगी।
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सरकार की ओर से सीधे अस्पतालों को इलाज के खर्च का भुगतान किया जाएगा। इस बाबत एमएसबीवाई योजना से जुड़े अस्पतालों को बाकायदा ई-मेल भेजकर यह निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सोमवार को उपचार के भुगतान संबंधी आवश्यक निर्देश भी जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना से प्रदेश के 12 लाख लोग जुड़े हैं। इस योजना के लाभार्थियों को सरकार निशुल्क इलाज कराने के लिए हर महीने करीब तीन करोड़ रुपये का प्रीमियम इंश्योरेंस कंपनी को देती रही है। इधर, बीती नौ नवंबर को कंपनी ने योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों को सूचना दी कि वह एमएसबीवाई लाभार्थियों के उपचार का खर्च नहीं उठा पाएगी।
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नतीजा यह हुआ कि अस्पतालों में मरीजों की फजीहत शुरू हो गई। कंपनी के इस प्रकार के रवैये को देखते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तत्काल नई कंपनी की तलाश करके करार करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए। साथ ही यह एलान किया कि करार होने तक एमएसबीवाई लाभार्थियों का उपचार सरकारी खर्च पर किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य सलाहकार डॉ. नवीन बलूनी के मुताबिक जब तक नई इंश्योरेंस कंपनी का चयन नहीं होता है तब-तक स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से पैनल में शामिल सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों को योजना की शर्तों के हिसाब से भुगतान किया जाए। इस संबंध में संबंधित अस्पतालों को ई-मेल के माध्यम सूचित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ रोगियों को पूर्व की भांति ही मिलता रहेगा।
कंपनी पर होगी वैधानिक कार्रवाई : सीएम
trivendra singh rawat
राज्य स्थापना दिवस पर एक ओर सरकार तमाम उपलब्धियों का बखान कर रही थी, वहीं दूसरी तरफ एमएसबीवाई योजना के लाभार्थियों को मुफ्त उपचार की सुविधा मिलना बंद हो गई। इससे सीएम त्रिवेंद्र रावत खासे आहत हैं।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना को राज्य सरकार ने बंद नहीं किया है। योजना के अंतर्गत जिस कंपनी के साथ अनुबंध किया गया था, उस पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह बात तय थी कि नवंबर अंत तक कंपनी सुविधा प्रदान करेगी।
इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने कंपनी के प्रतिनिधियों से संवाद भी किया था। बावजूद इसके राज्य स्थापना दिवस के मौके पर ऐसी हरकत की गई। पता चला है कि इन्हीं हरकतों के चलते यह कंपनी छत्तीसगढ़ में भी ब्लैक लिस्टेड है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इसमें यदि कोई सरकारी अधिकारी भी जिम्मेदार पाया जाएगा, तो उसे भी नहीं बख्शेंगे। फिलहाल एमएसबीवाई में कवर होने वालों के उपचार का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। इसके लिए विधिवत प्रक्रिया सोमवार को जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना को राज्य सरकार ने बंद नहीं किया है। योजना के अंतर्गत जिस कंपनी के साथ अनुबंध किया गया था, उस पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह बात तय थी कि नवंबर अंत तक कंपनी सुविधा प्रदान करेगी।
इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने कंपनी के प्रतिनिधियों से संवाद भी किया था। बावजूद इसके राज्य स्थापना दिवस के मौके पर ऐसी हरकत की गई। पता चला है कि इन्हीं हरकतों के चलते यह कंपनी छत्तीसगढ़ में भी ब्लैक लिस्टेड है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इसमें यदि कोई सरकारी अधिकारी भी जिम्मेदार पाया जाएगा, तो उसे भी नहीं बख्शेंगे। फिलहाल एमएसबीवाई में कवर होने वालों के उपचार का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। इसके लिए विधिवत प्रक्रिया सोमवार को जारी की जाएगी।