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NCERT की महंगी किताबों को लेकर प्राइवेट स्कूलों की अब खैर नहीं, इस सरकारी फैसले से बढ़ेंगी मुसीबतें

Tue, 11 Sep 2018 07:07 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 11 Sep 2018 07:07 AM IST
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Government take action for Expensive Ncert Books of private schools
ncert

एनसीईआरटी से इतर महंगी पुस्तकें लगाने वाले निजी विद्यालयों की अब खैर नहीं है। सरकार ने ऐसे स्कूलों को नोटिस भेजने का फैसला लिया है। इतना ही नहीं इस नोटिस के जरिए सरकार जवाब मांगेगी। कुछ समय पूर्व तैनात किए गए नोडल अफसरों की रिपोर्ट के आधार पर सरकार नोटिस जारी करेगी। साथ ही हाईकोर्ट से ऐसे शिक्षकों की मान्यता रद करने की सिफारिश भी करेगी।

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सोमवार को सचिवालय सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई निजी विद्यालयों में महंगी पुस्तकें लगाए जाने की शिकायत मिली थी।
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हालांकि हाईकोर्ट ने सरकार को स्कूलों में छापेमारी न करने के निर्देश दिए थे। इस पर सरकार ने हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिलों में विद्यालयों की निगरानी के लिए  एक-एक नोडल अफसर तैनात किया। नोडल अफसरों ने देहरादून में 53, हरिद्वार व नैनीताल में 77-77 और ऊधमसिंह नगर में 19 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से जानकारी जुटाई, जिसकी रिपोर्ट उन्होंने बैठक में रखी। उन्होंने बताया कि 70 फीसदी से अधिक विद्यालयों में महंगी पुस्तकें लगाई गई है।
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बेईमानी पर उतारू कई निजी स्कूल

Government take action for Expensive Ncert Books of private schools
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे

शिक्षा मंत्री ने बताया कि चारों जिलों की रिपोर्ट के आधार पर एक  संयुक्त रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह रिपोर्ट हाईकोर्ट में देकर विद्यालयों की मान्यता रद करने की सिफारिश की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्कूलों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा गया है।

बेईमानी पर उतारू कई निजी स्कूल
केस-एक
एक निजी स्कूल में अभिभावकों से महंगी किताबें मंगाई गई है। कोई देखे नहीं, इसलिए यह किताबें छात्र-छात्राओं को घर के लिए नहीं दी जाती है। इन किताबों को स्कूल में ही जमा कर लिया जाता है। छात्र-छात्राओं को घर के लिए केवल एनसीईआरटी की किताबें ही दी जाती हैं।

केस-दो
छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से किताबों के संबंध में जानकारी जुटाए जाने की जानकारी मिलने के बाद एक निजी स्कूल ने छात्रों के बस्ते जमा करवा लिए। तीन दिनों तक स्कूल की छुट्टी के बाद बस्ते जमा कराए गए। अधिकारियों ने स्कूल जाकर देखा तो सभी बस्ते एक कमरे में रखे गए थे।
 

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