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नीदरलैंड के छात्रों को टिप्स देंगे इस प्राइमरी स्कूल के छात्र
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Mon, 03 Jul 2017 08:49 AM IST
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primary school
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सरकारी स्कूलों की बदहाली की चर्चाओं के बीच एक सुखद खबर दस्तक दे रही है। जनपद के श्यामपुर क्षेत्र के टाटवाला गांव में एक ऐसा भी प्राइमरी स्कूल है, जिसमें नीदरलैंड के छात्र कुछ सीखने और सिखाने आ रहे हैं।
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विदेशी छात्रों के दो दल इसी माह श्यामपुर के टाटवाला प्राइमरी स्कूल में प्रवास करेंगे। इस दौरान नीदरलैंड और भारतीय छात्र एक दूसरे की संस्कृति से रूबरू होंगे। साथ ही पढ़ाई को लेकर अपने-अपने अनुभव भी साझा करेंगे। स्कूल में विदेशी मेहमानों के स्वागत की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
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नीदरलैंड में पढ़ाई के दौरान इंटर्नशिप के तौर पर बच्चों को आरामदायक जीवन से अलग ग्रास रूट लेवल पर व्यवहारिक जानकारियां दी जाती हैं। ग्लोबल कल्चर एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत छात्रों के दो अलग अलग दल 21 जुलाई और 25 जुलाई को श्यामपुर के टाटवाला स्थित राजकीय प्राइमरी स्कूल पहुंचेंगे।
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इस दौरान स्कूल में तमाम रचनात्मक गतिविधियां संपन्न होंगी। खास बात यह है कि प्रवास के दौरान नीदरलैंड के छात्र स्कूल में ही रुकेंगे और विभिन्न खर्चों में कटौती कर जमा हुई राशि को विद्यालय विकास में खर्च किया जाएगा। दूसरी खास बात यह है कि बच्चे स्कूल में श्रमदान भी करेंगे।
गांव में पौधरोपण, स्वच्छता और गंगा स्वच्छता को लेकर जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। विद्यालय स्टाफ और छात्र छात्राएं विदेशी छात्रों के आगमन को लेकर काफी उत्साहित हैं। प्रधानाध्यापक घनश्याम सिंह का कहना है कि स्थानीय और विदेशी बच्चों का यह साझा अभियान विद्यालय और गांव के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
इसलिए चुना गया टाटवाला स्कूल
demo pic school
नीदरलैंड के छात्रों को उत्तराखंड की धरती पर लाने के पीछे धीरेन्द्र शर्मा का अथक प्रयास रहा है। धीरेन्द्र %लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन% छत्तीसगढ़ राज्य के समन्वयक हैं।
स्कूल के शिक्षक डा. शिवा अग्रवाल ने बताया कि 21 जुलाई से 24 जुलाई तक बीसीपीएल कॉलेज के 13 छात्र और 25 जुलाई से 28 जुलाई तक डब्ल्यूईईआरटी कॉलेज के 39 छात्र टाटवाला पहुंचेंगे।
नीदरलैंड के छात्रों के प्रवास के लिए टाटवाला गांव के राजकीय प्राइमरी स्कूल का चयन यूं ही नहीं किया गया है। स्कूल ने जनपद और प्रदेश ही नहीं नेशनल लेवल पर अपनी एक पहचान बनाई है। शिक्षकों के जुनून की बदौलत स्कूल ई शिक्षा का हब बन रहा है।
सरकारी स्कूल होने के बावजूद यहां छात्र छात्राएं निजी और कॉन्वेंट स्कूलों की तरह ई-शिक्षा में पारंगत हैं। शिक्षक डा. शिवा अग्रवाल ने विद्यालय बने आनंदालय प्रोजेक्ट की शुरूआत अपनी जेब खर्च से की थी। अभी तक गांव के 150 से ज्यादा छात्र कंपयूटर एजुकेशन हासिल कर चुके हैं।
स्कूल के शिक्षक डा. शिवा अग्रवाल ने बताया कि 21 जुलाई से 24 जुलाई तक बीसीपीएल कॉलेज के 13 छात्र और 25 जुलाई से 28 जुलाई तक डब्ल्यूईईआरटी कॉलेज के 39 छात्र टाटवाला पहुंचेंगे।
नीदरलैंड के छात्रों के प्रवास के लिए टाटवाला गांव के राजकीय प्राइमरी स्कूल का चयन यूं ही नहीं किया गया है। स्कूल ने जनपद और प्रदेश ही नहीं नेशनल लेवल पर अपनी एक पहचान बनाई है। शिक्षकों के जुनून की बदौलत स्कूल ई शिक्षा का हब बन रहा है।
सरकारी स्कूल होने के बावजूद यहां छात्र छात्राएं निजी और कॉन्वेंट स्कूलों की तरह ई-शिक्षा में पारंगत हैं। शिक्षक डा. शिवा अग्रवाल ने विद्यालय बने आनंदालय प्रोजेक्ट की शुरूआत अपनी जेब खर्च से की थी। अभी तक गांव के 150 से ज्यादा छात्र कंपयूटर एजुकेशन हासिल कर चुके हैं।