सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर, इस नई सुविधा से होगा बड़ा फायदा
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अगर आप भी सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं या लेने जा रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। अगले वित्तीय वर्ष तक प्रदेश सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में आएगा।
इन सभी योजनाओं को सरकार अगले साल तक डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) या प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण तंत्र से जोड़ने जा रही है। प्रदेश की सभी कल्याणकारी योजनाओं को 2020 तक डीबीटी से जोड़ने का लक्ष्य बनाया गया है, लेकिन सरकार तय समयसीमा से पहले ही लक्ष्य साधना चाहती है।
यही वजह है कि मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने वित्त विभाग को इस संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सचिव वित्त अमित सिंह नेगी के मुताबिक, डीबीटी मेें उन योजनाओं को भी शामिल किया जा रहा है, जिनमें वित्तीय लाभ के स्थान पर वस्तुओं का लाभ दिया जाता है।
विभिन्न विभागों की ऐसी योजनाओं का लाभ वितरण की प्रक्रिया को बायोमीट्रिक या आधार लिंक के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि इनमें और अधिक पारदर्शिता हो।
प्रदेश सरकार की 122 योजनाएं चिह्नित
वित्त विभाग ने प्रदेश सरकार के 27 विभागों की करीब 122 ऐसी योजनाएं चिह्नित की हैं, जिनमें धनराशि का लाभ दिया जा रहा है या उसके बदले में वस्तुओं को वितरण हो रहा है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो इस वित्तीय वर्ष में अब तक प्रदेश सरकार के 27 विभागों की 60 से अधिक योजनाओं को डीबीटी से जोड़ दिया गया है।
इन योजनाओं में संबंधित विभाग योजनाओं में मिलने वाली धनराशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेज रहे हैं। सितंबर माह तक 870 करोड़ रुपये की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में जा चुकी थी।
रेशम, डेयरी, वन विभाग की हीलाहवाली
अभी भी कई ऐसे विभाग हैं, जिन्होंने वित्त विभाग के बार-बार निर्देश के बाद भी अपनी योजनाओं को डीबीटी से नहीं जोड़ा है। इनमें रेशम, डेयरी, उद्योग और वन विभाग प्रमुख रूप से शामिल हैं। ये सभी विभाग अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पात्रों को नकद राशि के तौर पर लाभ दे रहे हैं, जबकि उन्हें लाभ की राशि लाभार्थी के सीधे खाते में भेजनी चाहिए।
इसी साल जुड़ जाएगा परिवहन विभाग
वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, परिवहन विभाग की परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा करने की योजना भी डीबीटी से जुड़ जाएगी। इस संबंध में सचिव परिवहन ने निगम के एमडी को कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। योजना डीबीटी से जुड़ने के बाद जो भी लाभार्थी बगैर धनराशि दिए बसों में यात्रा करते हैं, उन्हें किराये का भुगतान करना होगा। बाद में ये राशि उनके खाते में जमा हो जाएगी।
विजन 2020 के तहत केंद्र व प्रदेश सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर डीबीटी से जोड़ा जा रहा है। अगले साल तक तकरीबन सभी योजनाओं को जोड़ने का लक्ष्य है। मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम (एमआईएस) के जरिए उन योजनाओं को भी डीबीटी से जोड़ा जाएगा, जिनमें लाभार्थी का वस्तुओं का लाभ दिया जा रहा है।
-अमित सिंह नेगी, सचिव वित्त