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ऋषिकेश: सुमी में फंसे छात्रों को पोलैंड पहुंचाने के लिए भारत सरकार ने बुक की ट्रेन, घर पहुंची जिया बलूनी ने पीएम मोदी का जताया आभार

Sat, 12 Mar 2022 02:42 AM IST
सुशील कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Published by: सुशील कुमार Updated Sat, 12 Mar 2022 02:42 AM IST
सार

जिया ने बताया कि इसके बाद वह पहले दिल्ली और फिर हवाई जहाज से चंडीगढ़ पहुंची। जब जिया घर पहुंची तो उनके पिता राकेश बलूनी और मां संगीता बलूनी के खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। बेटी से गले मिलकर दोनों के आंसू छलक पड़े।

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Government of India booked train to take students trapped in Sumi to Poland Jia Baluni reached home thanked PM Modi
यूक्रेन से लौटे छात्र। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हर पल टूट रही उम्मीद के बीच भारत सरकार के सुपर रेस्क्यू अभियान की बदौलत ऋषिकेश की बेटी जिया बलूनी अपने वतन वापस पहुंचने में कामयाब रही। जब जिया ने दिल्ली में अपनी देश की सरजमीं पर कदम रखा तो वह बंकर के घुप अंधेरे में बम धमाकों से शरीर में हर पल दौड़ रही सिरहन और डर को भूल गई। जिया ने कहा कि जीवन की इस विकट घड़ी में भारत सरकार और दूतावास हरदम एक उम्मीद की तरह उनके साथ थी। अमर उजाला लगातार जिया और उसके साथी छात्र छात्राओं की बात को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा था।

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यूक्रेन की सुमी नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही जिया बलूनी शुक्रवार शाम को चंडीगढ़ स्थित आवास पर पहुंच गई। जिया मूल रूप से ऋषिकेश की रहने वाली है। जिया ने बताया कि सुमी शहर में लगातार बमबारी हो रही थी। यूनिवर्सिटी के करीब 300 छात्र और छात्राओं ने बंकर में शरण ली थी। जिया ने बताया कि पल पल उनकी उम्मीद टूट रही थी। लेकिन 8 मार्च को सुबह भारतीय दूतावास से अचानक फोन आया। एक घंटे में सभी छात्र छात्राओं को घर वापसी के लिए तैयार होने के लिए कहा गया।
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भारतीय दूतावास के अधिकारी तय समय पर हॉस्टल पहुंचे। इसके बाद एक बस के माध्यम से लविव शहर लाया गया। यहां कोई बस उपलब्ध नहीं थी। भारत सरकार ने दूतावास के अधिकारियों छात्र-छात्राओं को ट्रेन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिसके बाद ट्रेन को बुक कर छात्र-छात्राओं को पोलैंड बॉर्डर तक पहुंचाया गया। जिया ने बताया कि छात्र-छात्राओं को कहीं भी पैदल नहीं चलना पड़ा। सफर के दौरान उनके लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई थी। जिया ने बताया कि दूतावास के अधिकारियों का रवैया बेहद सहयोगात्मक था। पोलैंड सीमा से सभी भारतीय छात्र-छात्राएं एयर इंडिया के हवाई जहाज में बैठे। यहां भी छात्रों के लिए नाश्ते की व्यवस्था की गई थी।
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जिया ने बताया कि इसके बाद वह पहले दिल्ली और फिर हवाई जहाज से चंडीगढ़ पहुंची। जब जिया घर पहुंची तो उनके पिता राकेश बलूनी और मां संगीता बलूनी के खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। बेटी से गले मिलकर दोनों के आंसू छलक पड़े। जिया बलूनी की बुआ और ऋषिकेश भाजपा की वरिष्ठ नेत्री सरोज डिमरी ने बताया कि पीएमओ से उन्होंने मदद की गुहार लगाई थी। जिसके बाद से पीएमओ लगातार उनके और जिया के परिवार के संपर्क में था। वहीं भारतीय दूतावास के अधिकारी भी लगातार जिया का हाल चाल पूछ रहे थे। अधिकारी उसको जल्द ही देश पहुंचाने का भरोसा भी दिला रहे थे। जिया ने उनको सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए भारत सरकार का आभार प्रकट किया है। जिया होली के त्योहार पर ऋषिकेश पहुंचेगी।

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