उत्तराखंड: अब भूतपूर्व होने पर मुख्यमंत्रियों को नहीं मिलेगा सरकारी आवास और अन्य सुविधाएं
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उत्तराखंड में अब 31 मार्च 2019 से भूतपूर्व होने वाले मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास की सुविधा नहीं मिलेगी। पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास किराये में छूट को लेकर राजभवन से मंजूर अध्यादेश में यह प्रावधान किया गया है।
विधायी विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश के पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों, मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी, भगत सिंह कोश्यारी, डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक, विजय बहुगुणा और हरीश रावत को आवास किराये में छूट का कानूनी प्रावधान कर बड़ी राहत दे दी गई है।
उत्तराखंड भूतपूर्व मुख्यमंत्री सुविधा (आवासीय एवं अन्य सुविधाएं) अध्यादेश 2019 की अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के जारी होने से पूर्व मुख्यमंत्रियों को बड़ी राहत मिली है।
उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर पूर्व मुख्यमंत्रियों से बाजार दर पर किराया वसूली के आदेश दिए थे। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने अदालत में अपील की थी, जो खारिज हो गई।
इस बीच प्रदेश सरकार ने अध्यादेश लाकर यह व्यवस्था कर दी कि सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित आवास किराये की वसूली सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर की जाएगी।
अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि 31 मार्च 2019 से कोई पूर्व मुख्यमंत्री सरकारी आवास व अन्य सुविधाओं का हकदार नहीं होगा। भूतपूर्व होने वाले ऐसे मुख्यमंत्रियों को वाहन, चालक, जनसंपर्क अधिकारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मी, टेलीफोन अटैंडेंट, सुरक्षा गार्ड चौकीदार, ओएसडी की सुविधा नहीं मिलेगी।