सरकारी नौकरी वाले अब यह सपना भूल जाएं और अगर इस सपने को पूरा करने के लिए अनजाने में भी कोई गलती की तो बेहद पछताना पड़ेगा।
सरकार ने सख्त रूख अपनाते हुए कुछ सरकारी नौकरी में तैनात कर्मचारियों के नए नियम बनाए है। आगे पढ़िए क्या है अब नए नियम...
सरकारी सेवा में तैनात लोकसेवक तबादले के लिए यदि माता-पिता, पत्नी या अन्य रिश्तेदारों से प्रार्थना पत्र दिलवाता है या किसी की सिफारिश कराने का प्रयास करता है तो उसे तबादला अधिनियम के तहत सजा के दायरे में माना जाएगा।
विधानसभा में ध्वनिमत से पारित प्रवर समिति की सिफारिश पर पेश संशोधित उत्तराखंड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण विधेयक 2017 में यह प्रावधान किया गया है। यह अधिनियम प्रदेश के सभी विभागों, निगमों, व नगर निकायों आदि में भी लागू किया जा सकेगा।
संशोधित विधेयक में यह व्यवस्था है कि अगर कोई अपना तबादला रुकवाने के लिए परिजनों का आवेदन इस्तेमाल करता है तो इसको कर्मचारी की व्यक्तिगत फाइल में रखा जाएगा और ऐसे आवेदनों को आगे नहीं भेजा जाएगा।