सवा लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए 7वें वेतनमान के भत्तों का शासनादेश जारी, 15 भत्ते हुए समाप्त
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सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में पहली बार 5,400 से कम ग्रेड पे वाले कर्मचारियों को भी प्रदेश के भीतर दैनिक यात्रा भत्ते का लाभ मिलेगा। सरकार का दावा है कि इससे सवा लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे। अपर सचिव वित्त अरुणेंद्र सिंह चौहान ने बुधवार को इसका शासनादेश जारी कर दिया।
शासनादेश के मुताबिक कर्मचारी का तबादला होने पर वर्तमान में मौजूद जिले से जिले के मानक को बदल कर किलोमीटर के हिसाब से स्थानांतरण यात्रा भत्ता निर्धारित किया गया। इससे एक ही जनपद में अधिक दूरी के बावजूद कम स्थानांतरण भत्ता मिलता था। लेकिन जनपद से जनपद का मानक बनाने से अब दूरी मायने नहीं रखेगी।
वेतन समिति अध्यक्ष इंदु कुमार पांडे की रिपोर्ट पर सरकार ने इस विसंगति को दूर किया, जिस पर कैबिनेट ने पिछले दिनों मुहर लगा दी थी। वित्त विभाग ने इसका शासनादेश जारी कर दिया है।
5,400 ग्रेड पे से नीचे के कर्मचारियों को अभी दैनिक भत्ते के रूप में प्रतिदिन मात्र 80 रुपये मिलते थे। इसमें ठहरने, खाने व यात्रा का किराया सब कुछ शामिल था। लेकिन अब उन्हें प्रतिदिन पांच सौ रुपये देय होंगे।
एकमुश्त दैनिक भत्ता व परिवहन व्यय का ब्योरा
पद का स्तर ठहरने व खाने(रुपये में प्रतिदिन) परिवहन व्यय
सचिव 1200 सरकारी कार्यक्रमों के अनुरूप वास्तवित व्यय के अनुसार एसी टैक्सी
अपर सचिव, एचओडी 1000 50 किमी. तक यात्रा के लिए एसी टैक्सी
एसडीएम, सहायक आयुक्त 900 300 रुपये प्रतिदिन
उप निदेशक, सहायक निदेशक 800 200 रुपये प्रतिदिन
कनिष्ठ कर्मचारी 500 100 रुपये प्रतिदिन
परिवहन भत्ते की दरें ये होंगी
दिल्ली में तैनाती पर: वेतन मैट्रिक्स के लेवल 10 व उससे ऊपर के कार्मिकों को 5,000 प्रतिमाह
वेतन लेवल सात और आठ को 2,500 रुपये व वेतन लेवल छह व उससे नीचे के कार्मिकों 1,000 रुपये प्रतिमाह
जोखिम भत्ता: मूल वेतन का 10 फीसदी तथा अधिकतम 12,500 रुपये मिलेगा
चिकित्सा निषेध भत्ता: एलोपैथिक चिकित्सकों को मूल वेतन का 20 और आयुर्वेद चिकित्सकों को मूल वेतन का 15 प्रतिशत प्रतिमाह
भत्ते जो यथावत रहेंगे: पर्वतीय विकास भत्ता, सीमांत विकास भत्ता, वाहन भत्ता, सचिवालय विशेष भत्ता सहित 13 प्रकार के भत्तों को यथावत रखा गया है।
दूरी के हिसाब से स्थानांतरण भत्ता: 50 किमी के दायरे में तबादला होने पर कर्मचारी को न्यूनतम वेतन स्तर का पांच प्रतिशत तथा 50 किमी से अधिक दूरी पर 20 प्रतिशत या अधिकतम 25 हजार दिया जाएगा।
जोखिम और प्रोत्साहन भत्ता भी जारी
वित्त विभाग ने आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस), स्टेट डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स (एसडीआरएफ) में कार्यरत नियमित कार्मिकों को जोखिम भत्ते की नई दर तय की है, जिसके तहत उन्हें एक फरवरी से उनके मूल वेतन का 10 प्रतिशत राशि मिलेगी।
लेकिन ये राशि प्रतिमाह 12,500 रुपये से अधिक नहीं होगी। इसके अलावा मुख्य मंत्री, राज्यपाल, मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीशों की सुरक्षा में तैनात नियमित पुलिस कर्मियों को भी उनके मूल वेतन का 10 प्रतिशत तथा अधिकतम 12,500 रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन भत्ता जारी करने के आदेश हुए हैं।
चिकित्सकों को 20 प्रतिशत प्रेक्टिस बंदी भत्ता
वित्त विभाग ने वेतन समिति की संस्तुतियों के तहत आयुष विभाग व चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत क्लिनिकल कार्यों में लगे नियमित आयुष व एलोपैथिक चिकित्सकों को 20 प्रतिशत प्रेक्टिस बंदी भत्ता (एनपीए) देने की स्वीकृति कर दी है। जारी आदेश के मुताबिक, प्रशासनिक कार्यों में लगे चिकित्सक यदि सप्ताह में कम से कम दो दिन क्लिनिकल कार्य करते हैं, तो उन्हें ये भत्ता मिलेगा। लेकिन एनपीए एवं मूल वेतन का कुल योग 2.25 लाख रुपये से अधिक नहीं होगा।
कर्मचारियों के ये 15 भत्ते कर दिए समाप्त
सरकार ने कर्मचारियों को अब तक दिए जा रहे 15 भत्तों को समाप्त कर दिया है। इनमें स्वैच्छिक परिवार कल्याण भत्ता, प्रतिनियुक्ति भत्ता, प्रशिक्षण भत्ता, जीपीएफ पासबुक रखरखाव प्रोत्साहन भत्ता, कैश भत्ता, द्विभाषी/ कंप्यूटर भत्ता, आईपीएओ भत्ता(कोषागार/ उपकोषागार), सचिवालय में तैनाती पर विशेष भत्ता, स्नातकोत्तर भत्ता, राजस्व विभाग के संग्रह अमीनों को देय लेखन सामग्री भत्ता, लोक निर्माण विभाग के तहत नियोजन, डिजाइन, शोध, प्रशिक्षण अन्वेषणालय विशेष वेतन एवं सहायक प्रतिभूर्ति भत्ता, अपराध अनुसंधान एवं अभिसूचना विभाग में कार्यरत कार्मिकों को विशेष प्रोत्साहन भत्त, अवैध खनन निरोधक सतर्कता इकाई में कार्यरत कार्मिकों को विशेष प्रोत्साहन भत्ता, स्पेशल टास्क फोर्स विशेष भत्ता और सतर्कता विभाग में तैनात कार्मिको को प्रोत्साहन भत्ता शामिल हैं।
कर्मचारियों के ये भत्ते रहेंगे यथावत
कर्मचारियों के लिए पहले से स्वीकृत एक दर्जन भत्तों को यथावत रखा गया है। इनमें पर्वतीय विकास भत्ता, सीमांत विकास खंड भत्ता, वाहन भत्ता, सचिवालय विशेष भत्ता, सचिवालय परिचारकों को विशेष प्रोत्साहन भत्ता, सचिवालय चालकों को विशेष प्रोत्साहन भत्ता, नागरिक उड्डयन निदेशालय, उत्तराखंड के पायलटों और अभियंताओं तथा कर्मचारियों को दिया जाने वाला भत्ता, विशेष उड़ान भत्ता, एविएशन भत्ता, पुलिस विभाग में कार्यरत कार्मिकों को दिए जाने वाला पौष्टिक आहार भत्ता, वर्दी एवं धुलाई भत्ता, नर्सिंग संवर्ग के कार्मिकों को नर्सिंग एवं बोर्डिंग भत्ता, वर्दी भत्ता एवं धुलाई भत्ता, अति दुर्गम और दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों को दिए जाने वाला विशेष प्रैक्टिस बंदी भत्ता व राजस्व विभाग के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात राजस्व निरीक्षण व राजस्व उप निरीक्षकों दिए जाने वाला स्टेशनरी, गोशवारा भत्ता, एवं कार्यालय किराया भत्ता शामिल हैं।