yoga कोर्स करने वाले छात्रों के लिए जरूरी खबर, यूजीसी ने दी बड़ी राहत
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यूजीसी के मुताबिक, जिन छात्रों ने कम से कम एक वर्ष का योगा डिप्लोमा किया हुआ होगा, उन्हें बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी के दाखिले में प्राथमिकता दी जाएगी। इससे पहले यूजीसी वर्ष 2016 में फिजियोथेरेपी कोर्स में योगा शामिल करने के निर्देश जारी कर चुका है। उत्तराखंड में कई संस्थान योगा में एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स करा रहे हैं।
अभी तक योगा डिप्लोमा होल्डर को फिजियोथेरेपी कोर्स में प्राथमिकता नहीं मिलती थी। केंद्र सरकार की पहल पर वर्ष 2016 में यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए थे कि फिजियोथेरेपी कोर्स के सिलेबस में योगा को भी जगह दी जाए।
इसके बाद से लगातार योग डिप्लोमा धारकों को फिजियोथेरेपी कोर्स के दाखिले में प्राथमिकता की मांग उठ रही थी। मामले में केंद्र सरकार ने एक समिति का गठन किया था। समिति की रिपोर्ट के आधार पर डिप्लोमाधारकों को राहत मिली है। यूजीसी ने इस संबंध में देशभर के विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी किए हैं।
इसके तहत जहां भी बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (बीपीटी) कोर्स संचालित हो रहा है, वहां इस साल से दाखिलों में योगा डिप्लोमा वालों को प्राथमिकता देनी होगी। हालांकि उन्हें यह प्राथमिकता उनके डिप्लोमा में प्राप्तांक और प्रवेश की परीक्षा में आए अंकों के आधार पर दी जाएगी।
हालांकि योग्यता के बाकी पैमाने वैसे ही रहेंगे। उत्तराखंड में विशेषकर हरिद्वार और ऋषिकेश में कई संस्थानों में योगा डिप्लोमा कोर्स कराया जा रहा है। यहां के छात्रों को यूजीसी के इस नियम से निश्चित तौर पर राहत मिली है।