अच्छी खबर: अब प्रदेश के सभी किसानों को मिलेंगे सम्मान निधि के सालाना छह हजार रुपए
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ अब प्रदेश के सभी किसानों को मिलेगा। अभी तक योजना में दो हेक्टेयर कृषि भूमि वाले किसान ही पात्र थे। अब केंद्र सरकार ने सभी किसानों को योजना का लाभ पहुंचाने के लिए भूमि की सीमा को समाप्त कर दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने इस आशय की अधिसूचना जारी कर दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को किसान सम्मान निधि योजना का शुभारंभ किया था। जिसमें किसानों की पात्रता का मानक अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि रखी थी। ऐसे में प्रदेश के छोटी कृषि जोत वाले 90 प्रतिशत किसान योजना में पात्र थे, लेकिन डेढ़ लाख बड़े किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा था।
इनके पास दो हेक्टेयर से अधिक कृषि थी। केंद्र सरकार ने अब भूमि की शर्त को समाप्त कर दिया है। इसके बाद अब सभी किसानों को सालाना छह हजार रुपये की सम्मान निधि मिलेगी।
कृषि मंत्रालय के केंद्रीय सचिव संजय अग्रवाल ने योजना की नई अधिसूचना जारी कर सभी किसानों का रिकॉर्ड भेजने को कहा है। ताकि इस वित्तीय वर्ष से इन किसानों के बैंक खातों में योजना की राशि जमा की जा सके।
डेढ़ लाख किसानों को भी मिलेगा योजना का लाभ
किसान सम्मान निधि योजना के लिए खसरा खतौनी के आधार पर किसानों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। वर्ष 2010-11 में 1.57 लाख से अधिक किसान के पास दो हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि है। जमीन की शर्त समाप्त इन किसानों को भी योजना का लाभ मिलेगा।
प्रदेश के 6.98 लाख हेक्टेयर पर खेती
राज्य की 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। 6.98 लाख हेक्टेयर भूमि पर 10 लाख से अधिक किसान खेतीबाड़ी करते हैं। राज्य गठन के बाद 17 सालों में 0.72 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि कमी आई है। 3.18 लाख हेक्टेयर भूमि बंजर और 1.43 लाख हेक्टेयर परती भूमि है। राज्य का अधिकांश क्षेत्रफल वन भूमि के अंतर्गत है। जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों के पास छोटी-छोटी कृषि जोत है।
किसानों को खेती के लिए प्रोत्साहित करने व उनकी सहायता के लिए केंद्र सरकार ने यह महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। भूमि की शर्त हटने से प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक बड़े किसानों को योजना का लाभ मिल सके। प्रत्येक किसान को सालाना छह हजार रुपये की राशि मिलेगी। इससे किसान बीज, खाद और कृषि संबंधित जरूरतों को पूरा कर सकेंगे।
- सुबोध उनियाल, कृषि एवं उद्यान मंत्री