हरिद्वार: अब इस नए फ्रॉड केस में फंसे सोने से लदे रहने वाले गोल्डन बाबा, बढ़ने वाली हैं मुसीबतें
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हमेशा सोने से लदे रहने वाले गोल्डन बाबा अब एक नए फ्रॉड केस में फंस गए हैं। जिसके बाद अब उनकी मुसीबतें बढ़ने वाली हैं। दिल्ली के व्यवसाई को बिल्वकेश्वर कॉलोनी की अपनी कोठी बेचने के बावजूद कब्जा न छोड़ने के प्रकरण में फंसे जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर गोल्डन बाबा की मुसीबत बढ़ गई है।
सिटी मजिस्ट्रेट मनीष सिंह ने कोठी के वास्तविक सौदे के बजाय सर्किल रेट के आधार पर बैनामा कर देने पर गोल्डन बाबा को स्टांप शुल्क चोरी का दोषी पाया है। यही नहीं डीएम को भेजी रिपोर्ट में वास्तविक लेन देन की रकम की जांच आयकर विभाग से कराने की भी सिफारिश की गई है।
जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर गोल्डन बाबा ने कुछ माह पूर्व दिल्ली के व्यवसायी अमरजीत सिंह को बिल्वकेश्वर कॉलोनी की अपनी कोठी बेची थी। व्यवसायी का आरोप था कि गोल्डन बाबा ने उन्हें बैनामा भी करा दिया था।
कोठी पर जबरन कब्जा किया
पर अब उनकी कोठी पर जबरन कब्जा किया हुआ है। व्यवसायी ने डीएम को पूरे मामले की शिकायत की थी। शिकायत पर डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट मनीष सिंह को जांच सौंपी थी। सिटी मजिस्ट्रेट मनीष सिंह की जांच के दौरान गोल्डन बाबा ने कबूला कि 2.91 करोड़ में कोठी बेची गई है ओर रजिस्ट्री में रकम महज 70-75 लाख बताई गई है।
सिटी मजिस्ट्रेट मनीष सिंह ने बताया कि जब कोठी का सौदा 2.91 करोड़ में हुआ था तो रजिस्ट्री में कम रकम क्यों बताई गई है। ये सीधे-सीधे स्टांप शुल्क चोरी का भी मामला है। बताया कि इतनी बड़ी रकम का लेन-देन चोरी छिपे हुआ है इसलिए आयकर विभाग से भी पूरे मामले की जांच कराने की सिफारिश जिलाधिकारी से की गई है।