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सपनों को पूरा करने के लिए लड़कियों को होना होगा जागरूक : आरूषि
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रूम टू रीड की ओर से आयोजित राज्यस्तरीय परामर्श सम्मेलन में उपस्थित लोग।
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रूम टू मीट संस्था की ओर से ‘बालिका शिक्षा की चुनौतियां’ विषय पर राज्य स्तरीय परामर्श का आयोजन किया गया। इसमें बालिकाओं की शिक्षा तथा जेंडर समानता के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न संगठनों, डायट, एससीईआरटी, स्किल डेवलपमेंट व रोजगार विभाग, रूलक, मैती आदि संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
चकराता रोड स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आरूषि निशंक ने कहा कि लड़कियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए खुद ही जागरूक होना होगा। जब तक वह जागरूक नहीं होंगी तब तक अपने सपनों को पूरा नहीं कर सकतीं। मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा पैन्यूली ने कहा कि पिछले तीन दशकों में भारतीय शिक्षा प्राणाली में काफी अंतर आया है। सभी स्तरों पर लिंग और सामाजिक अंतर को कम करने की दिशा में लगातार प्रयास कि ए गए हैं।
कार्यक्रम में विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़ी छात्राओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। पैनल एक की ओर से जेंडर समानता तथा बालिका शिक्षा की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। वहीं पैनल दो ने जेंडर समानता तथा बालिका शिक्षा में क्रियान्वित कार्यक्रमों की जानकारी दी। साथ ही इसक ो और बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए।
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इस दौरान पद्मश्री अवधेश कौशल, मैती से कल्याण सिंह, हेमलता, पुष्पलता, मोनिका गौर, अनुज्ञा पैन्यूली, अंजुम फातिमा, डिप्टी डायरेक्टर रोजगार व स्किल डेवलपमेंट चंद्रकांता, निनि मलहोत्रा, टीनू माथुर आदि मौजूूद रहे।
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चकराता रोड स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आरूषि निशंक ने कहा कि लड़कियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए खुद ही जागरूक होना होगा। जब तक वह जागरूक नहीं होंगी तब तक अपने सपनों को पूरा नहीं कर सकतीं। मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा पैन्यूली ने कहा कि पिछले तीन दशकों में भारतीय शिक्षा प्राणाली में काफी अंतर आया है। सभी स्तरों पर लिंग और सामाजिक अंतर को कम करने की दिशा में लगातार प्रयास कि ए गए हैं।
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कार्यक्रम में विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़ी छात्राओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। पैनल एक की ओर से जेंडर समानता तथा बालिका शिक्षा की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। वहीं पैनल दो ने जेंडर समानता तथा बालिका शिक्षा में क्रियान्वित कार्यक्रमों की जानकारी दी। साथ ही इसक ो और बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए।
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इस दौरान पद्मश्री अवधेश कौशल, मैती से कल्याण सिंह, हेमलता, पुष्पलता, मोनिका गौर, अनुज्ञा पैन्यूली, अंजुम फातिमा, डिप्टी डायरेक्टर रोजगार व स्किल डेवलपमेंट चंद्रकांता, निनि मलहोत्रा, टीनू माथुर आदि मौजूूद रहे।