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राह हुई आसान: गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग घोड़ा-खच्चरों की आवाजाही के लिए खुला, 154 मजदूरों ने बर्फ काटकर बनाया चार फीट रास्ता
Thu, 24 Mar 2022 10:11 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 24 Mar 2022 10:11 PM IST
सार
शीतकाल में बीते दिसंबर से इस वर्ष फरवरी अंतिम सप्ताह तक केदारनाथ क्षेत्र में भारी बर्फबारी हुई थी। केदारपुरी अब भी 5 से 6 फीट बर्फ से ढकी हुई है। वहीं, डीडीएमए के डेढ़ सौ से अधिक मजदूरों ने गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बर्फ प्रभावित क्षेत्र रामबाड़ा-केदारनाथ 9 किमी क्षेत्र को घोड़ा-खच्चरों की आवाजाही के लिए खोल दिया है।
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गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग घोड़ा-खच्चरों की आवाजाही के लिए खुला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रुद्रप्रयाग जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-लोनिवि ने गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर नौ किमी क्षेत्र में जमा 6 से 10 फीट जमा बर्फ को काटकर रास्ता बना दिया है, जिस पर धाम के लिए घोड़ा-खच्चरों की आवाजाही शुरू हो गई है। डीडीएमए के154 मजदूर बर्फ साफ करने में जुटे हैं। शुक्रवार से केदारपुरी में बर्फ की सफाई की जाएगी, जिससे आगामी एक अप्रैल से पुनर्निर्माण कार्य शुरू हो सके। साथ ही यात्रा तैयारियों को समय पर पूरा किया जा सके।
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शीतकाल में बीते दिसंबर से इस वर्ष फरवरी अंतिम सप्ताह तक केदारनाथ क्षेत्र में भारी बर्फबारी हुई थी। केदारपुरी अब भी 5 से 6 फीट बर्फ से ढकी हुई है। वहीं, डीडीएमए के डेढ़ सौ से अधिक मजदूरों ने गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बर्फ प्रभावित क्षेत्र रामबाड़ा-केदारनाथ 9 किमी क्षेत्र को घोड़ा-खच्चरों की आवाजाही के लिए खोल दिया है। यहां 6 से 10 फीट तक जमा बर्फ को बीच से काटकर आवाजाही के लिए रास्ता बनाया गया है। बर्फ प्रभावित क्षेत्र में आठ हिमखंड जोन भी पसरे हुए हैं, जहां पर सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
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डीडीएमए के ईई प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को गौरीकुंड से निर्माण सामग्री लेकर घोड़ा-खच्चरों को केदारनाथ भेजा गया है। 154 मजदूर अब भी बर्फ की सफाई में लगे हुए हैं। शुक्रवार से केदारपुरी क्षेत्र में बर्फ की सफाई शुरू हो जाएगी, जिससे पुनर्निर्माण कार्य तय समय पर शुरू हो सकेंगे। साथ ही आगामी 6 मई से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा के लिए तैयारियां शुरू हो जाएंगी।
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