Uttarakhand: गढ़वाल विवि का आठ विश्वविद्यालयों से हुआ शैक्षणिक एमओयू, मुद्दों, चुनौतियां और अवसर पर चर्चा
गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्रों में विविधता लाने के लिए छात्रों और संकायों के सहयोग व प्रदर्शन की आवश्यकता पर जोर दिया। सिक्किम विवि के कुलपति प्रो. अविनाश खरे ने नई शिक्षा नीति एवं अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट से संबंधित विचारों को साझा किया।
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एनएचबी गढ़वाल केंद्रीय विवि के चौरास परिसर में हिमालयन सेंट्रल यूनिवर्सिटीज कंसोर्टियम (आईएचसीयूसी) की बैठक हुई जिसमें हिमालयी विश्वविद्यालयों के बीच साझेदारी और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने, मुद्दों, चुनौतियां और अवसर पर चर्चा हुई।
इसके साथ ही विवि ने आठ अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक एमओयू साइन किया। इनमें से नार्थ ईस्ट हिल यूनिवर्सिटी मेघालय के कुलपति गढ़वाल विवि पहुंचे थे जबकि अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपति वर्चुअल शामिल हुए।
पर्यटन पहलुओं पर काम करने की बताई आवश्यकता
गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्रों में विविधता लाने के लिए छात्रों और संकायों के सहयोग व प्रदर्शन की आवश्यकता पर जोर दिया। सिक्किम विवि के कुलपति प्रो. अविनाश खरे ने नई शिक्षा नीति एवं अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट से संबंधित विचारों को साझा किया।
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राजीव गांधी विवि अरुणाचल प्रदेश के कुलपति प्रो. साकेत कुशवाह ने ग्लोबल वार्मिंग और पानी की कमी के क्षेत्रों में समन्वित अनुसंधान की जरूरत पर जोर दिया। केंद्रीय विवि कश्मीर के कुलपति प्रो. रविंदर नाथ ने जैव विविधता और पर्यटन पहलुओं पर काम करने की आवश्यकता बताई। मणिपुर विवि के कुलपति प्रो. लोकेंद्र नाथ ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से संबंधित मुद्दों और उसके लिए एक राष्ट्रीय नीति बनाने की बात कही।