फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Garhwal consumers are ahead in paying electricity bills Uttarakhand Dehradun News

Uttarakhand: बिजली बिल जमा कराने में गढ़वाल के उपभोक्ता आगे, तिमाही रिपोर्ट जारी, इन जिलों में लापरवाही

Tue, 26 May 2026 02:05 PM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Tue, 26 May 2026 02:05 PM IST
सार

बिजली बिल जमा कराने में गढ़वाल के उपभोक्ता आगे हैं। इस संबंध में तिमाही रिपोर्ट जारी की गई है। जबकि 920 करोड़ रुपये का राजस्व फंसा है।

विज्ञापन
Garhwal consumers are ahead in paying electricity bills Uttarakhand Dehradun News
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फ्रीपिक

विस्तार

उत्तराखंड में अपना बिजली बिल जमा कराने वालों में गढ़वाल जोन के उपभोक्ता सबसे आगे हैं। यूपीसीएल की हालिया राजस्व रिपोर्ट में उपभोक्ताओं पर 920 करोड़ रुपये फंसे रह गए। ऋषिकेश, गैरसैंण के लोग बिल जमा कराने में आगे हैं जबकि श्रीनगर, पौड़ी व पिथौरागढ़ के उपभोक्ता बिल जमा कराने में फिसड्डी हैं।

विज्ञापन

यूपीसीएल की रिपोर्ट में 10 महीनों का आंकड़ा दिया गया है। इस अवधि के दौरान कुल 9,556.65 करोड़ रुपये के बिल जारी किए गए जबकि उपभोक्ताओं से 8,636.47 करोड़ रुपये ही वसूले जा सके। यह 90.37 प्रतिशत है। प्रदेश के चारों मुख्य जोनों की तुलना की जाए तो राजस्व वसूली के मामले में गढ़वाल का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है जबकि कुमाऊं जोन सबसे पीछे है।

विज्ञापन

गढ़वाल जोन ने 2,628.13 करोड़ रुपये के बिल के मुकाबले 2,444.53 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया, जो 93.01 प्रतिशत है। हरिद्वार जोन में 3,019.76 करोड़ रुपये के बिल के मुकाबले 2,743.66 करोड़ रुपये की वसूली हुई, जो 90.86 प्रतिशत है। ऊधम सिंह नगर जोन में 1,928.66 करोड़ रुपये के बिलों के सापेक्ष 1,744.19 करोड़ रुपये आए, जो कि 90.44 प्रतिशत है। कुमाऊं जोन में 1,980.10 करोड़ रुपये के बिल के मुकाबले 1,704.09 करोड़ रुपये ही जमा हुए जो कि सबसे कम 86.06 प्रतिशत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

ऋषिकेश और गैरसैंण ने किया कमाल, श्रीनगर-पौड़ी में भारी लापरवाही

संभागों के स्तर पर कई दिलचस्प और चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। विद्युत वितरण खंड ऋषिकेश ने ऐतिहासिक 115.12 प्रतिशत राजस्व जुटाया। गैरसैंण संभाग की संग्रहण दक्षता भी 100.78 प्रतिशत रही। सबसे खराब प्रदर्शन पिथौरागढ़ (75.27 प्रतिशत), पौड़ी (76.79 प्रतिशत) और श्रीनगर (77.61 प्रतिशत) संभागों का रहा। राजस्व वसूली के अलावा बिजली चोरी और तकनीकी नुकसान को दर्शाने वाली बिलिंग दक्षता में भी भारी अंतर देखा गया है। राज्य की औसत बिलिंग दक्षता 86.21 प्रतिशत है। मतलब करीब 14 प्रतिशत बिजली का या तो बिल नहीं बन पा रहा है या वह चोरी हो रही है। विद्युत वितरण खंड सिडकुल की बिलिंग दक्षता 98.51, कोटद्वार संभाग की 97.14 प्रतिशत रही। रुड़की शहरी संभाग की बिलिंग दक्षता मात्र 64.13 प्रतिशत रही। धारचूला की 69.56 प्रतिशत और लक्सर की 70.27 प्रतिशत रही।

ये भी पढ़ें...Dehradun: कैंट विधानसभा सीट भाजपा का रहा मजबूत किला, पार्टी राजनीति विरासत को देगी तवज्जो या लाएगी नया चेहरा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed