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Uttarkashi: गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट खुले, क्षतिग्रस्त ट्रैक और हिमखंड के चलते गोमुख-तपोवन जाने पर अभी रोक

Tue, 02 Apr 2024 07:44 AM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी Published by: रेनू सकलानी Updated Tue, 02 Apr 2024 07:44 AM IST
सार

हर साल शीतकाल में 30 नवंबर को गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट पर्यटकों के लिए बंद किए जाते हैं और एक अप्रैल को खोले जाते हैं।

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Gangotri National Park Gates opened Uttarkashi Uttarakhand News in hindi
गंगोत्री नेशनल पार्क - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट सोमवार को पर्यटकों, ट्रैकरों और पर्वतारोहियों के लिए खोल दिए गए। हालांकि, गोमुख तपोवन ट्रैक क्षतिग्रस्त होने, मार्ग में बड़े-बड़े हिमखंड होने और खराब मौसम के चलते फिलहाल इस ट्रैक पर पर्यटकों व पर्वतारोहियों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।

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पार्क के अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक ठीक और मौसम अनुकूल होने के बाद ही आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। पार्क के उपनिदेशक रंगनाथ पांडेय की मौजूदगी में गोमुख-तपोवन ट्रैक के कनखू बैरियर के गेट पर लगा ताला पूजा पाठ के साथ खोला गया। यह पार्क हिम तेंदुए का प्राकृतिक घर है। यहां हिम तेंदुओं के साथ ही भरल, काला भालू, भूरा भालू, हिमालय थार, कस्तूरी मृग आदि दुर्लभ वन्यजीव भी निवास करते हैं।

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बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद
यहां स्थित गंगोत्री हिमालय में चार से सात हजार मीटर तक ऊंची चोटियों के अलावा नेलांग घाटी व स्काईवॉक जैसा अनुभव देने वाली गरतांग गली भी है। प्रतिवर्ष शीतकाल में 30 नवंबर को गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट पर्यटकों के लिए बंद किए जाते हैं। जो एक अप्रैल को खोले जाते हैं। पांडेय ने बताया, पार्क के चारों गेट अगले आठ माह के लिए पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। इस बार बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।

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बताया, गोमुख-तपोवन ट्रैक कई जगह क्षतिग्रस्त होने के साथ केदारताल ट्रैक पर भी बड़े-बड़े हिमखंड होने से पर्यटकों व पर्वतारोहियों की आवाजाही फिलहाल सुरक्षित नहीं है। ट्रैक ठीक होने और मौसम अनुकूल होने के बाद ही आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, नेलांग घाटी के साथ गरतांग गली के भ्रमण के लिए पर्यटक पहुंच सकते हैं। इस मौके पर रेंज अधिकारी प्रदीप बिष्ट, वन दरोगा राजवीर रावत, देवराज राणा आदि रहे।
 

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