{"_id":"9df3fbe865940f486c9a149f87ba3c87","slug":"gangotri-dham-open-for-devotees","type":"story","status":"publish","title_hn":"चारधाम यात्रा शुरू, खुले गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चारधाम यात्रा शुरू, खुले गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट
अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Sat, 03 May 2014 12:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर शुक्रवार को धार्मिक अनुष्ठान के बीच विधि-विधान से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए। इस दौरान दोनों धाम मां गंगा और यमुना के जयकारे से गूंज उठे।
विज्ञापन
यमुनोत्री में दो हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योति और यमुना की उत्सव मूर्ति के दर्शन किए। इसी के साथ चारधाम की यात्रा भी अब विधिवत शुरू हो गई है। यात्रा छह माह तक चलेगी।
विज्ञापन
शुक्रवार को भैरोंघाटी से गंगा की डोली यात्रा सुबह आठ बजे भैरव मंदिर से रवाना हुई। प्रात: 9 बजे गंगोत्री धाम पहुंचने पर गंगा की डोली का भव्य स्वागत किया गया।
विज्ञापन
इस दौरान गंगोत्री धाम में गंगा लहरी और गंगा सहस्त्रनाम का पाठ गूंजता रहा। गंगा का महाभिषेक करने के बाद तय मुहूर्त में दोपहर 12.01 बजे गंगोत्री मंदिर के कपाट खोले गए।
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मंदिर में अखंड ज्योति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया। पहले दिन बाहर से आए तीर्थयात्रियों की संख्या 40-50 ही रही।
यमुना जी की डोली यात्रा शुक्रवार पूर्वाह्न 11.15 बजे शीतकालीन प्रवास खरसाली से धाम के लिए रवाना हुई। यमुना के भाई समेश्वर देवता की डोली भी उन्हें विदा करने साथ गई।
दिन में सवा एक बजे डोली धाम पहुंची। यहां विशेष पूजा-अर्चना के साथ दोपहर डेढ़ बजे यमुनोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए। इस दौरान करीब दो हजार से अधिक स्थानीय और लगभग पांच सौ बाहर से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर में अखंड ज्योति और यमुना की उत्सव मूर्ति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
झमाझम बारिश, बिजली गुल
बड़कोट। कपाट खुलने के दौरान यमुनोत्री धाम में करीब आधा घंटे तक झमाझम बारिश होने से बिजली गुल हो गई, मंदिर में अंधेरे में ही पूजा-अर्चना की गई।
इस बार भी यमुनोत्री मंदिर के कपाट तय मुहूर्त पर नहीं खोले जा सके। दो अप्रैल को हुई पुरानी मंदिर समिति की बैठक में कपाटोद्घाटन का मुहूर्त 11.55 बजे तय किया गया था। लेकिन अब अस्तित्व में आई नई समिति ने इस मुहूर्त को गलत ठहरा दिया।
इसके उपरांत समेश्वर देवता ने अक्षय तृतीया के दिन 11.15 बजे डोली यात्रा खरसाली से रवाना करने और यमुनोत्री पहुंचकर कपाटोद्घाटन के आदेश दिए। बीते साल भी डोली यात्रा पैदल मार्ग पर जाम में फंसने के कारण मंदिर के कपाट विलंब से खुले।
मई के दूसरे पखवाड़े से तेज होगी यात्रा
गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष भागेश्वर प्रसाद सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि चारधाम यात्रा शुरू होने से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। आपदा के बाद व्यवस्थाएं भले ही पूरी तरह चाक चौबंद न हो पाई हों, लेकिन गंगा के प्रति आस्था देश-विदेश के श्रद्धालुओं को यहां खींच ला रही है।
उन्होंने लोकसभा चुनाव निपटने और स्कूलों में छुट्टियां पड़ने पर यात्रा में तेजी आने की उम्मीद जताई। उन्होंने प्रशासन से इस दौरान अधूरी पड़ी यात्रा व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का अनुरोध किया।