सबसे पवित्र माह में शुरू होगा गंगा स्नान, लेकिन इस ग्रहण के लगने से पहले कर लें जरूरी काम
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सबसे पवित्र कहे जाने वाले इस महीने में देश के सभी गंगा तटों पर पवित्र स्नान होगा। नए साल में इसका शुभारंभ होगा, लेकिन साथ ही नए साल में पहला ग्रहण भी लगेगा।
माघ मास का स्नान दो जनवरी को प्रारंभ हो जाएगा। मौनी अमावस्या 17 जनवरी को पड़ेगी और माघ के समापन पर खग्रास चंद्रग्रहण पड़ जाएगा। यह चंद्रग्रहण सायंकाल 5.19 बजे से प्रारंभ होगा और 8.43 तक चलता रहेगा। चंद्रग्रहण का सूतक पूर्णिमा को सवेरे लग जाएगा। चंद्रग्रहण नए वर्ष का पहला ग्रहण होगा।
ग्रहण इस लिए भी महत्वपूर्ण हो चला है क्योंकि यह माघ मास की पूर्णिमा को पड़ रहा है। देश के सभी गंगा तटों पर विशाल मेले लगेंगे और सभी नदियों के किनारे पवित्र स्नान होगा। माघ मास में अमावस्या दो दिन पड़ेगी।
16 जनवरी को पितृ कार्य अमावस्या होगी तथा मौनी अमावस्या का स्नान 17 जनवरी को हो रहा है। चूंकि अमावस्या से ठीक पहले 13 जनवरी को लोहड़ी का पर्व और 14 जनवरी को मकर संक्रांति पड़ रही है, अत: हरिद्वार जैसे तीर्थों पर 13 से 17 तक भीड़ जुटेगी।
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चंद्रग्रहण वास्तव में खग्रास में पड़ रहा है। हरिद्वार तीर्थ चंद्रोदय सायं काल 5:46 बजे होगा। अत: यह चंद्रमा ग्रस्तोग्रस्त नजर आएगा। चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। गंगा की आरती चंद्रमा के ग्रहण से मुक्त होने के बाद कराई जाएगी। धर्मनगरी से सभी मंदिर भी सायंकाल बंद हो जाएंगे।