हरिद्वार: गंगा को नहर घोषित करने के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची गंगा सभा
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भागीरथी बिंदु से हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पहुंच रही गंगा की अविच्छिन्न धारा को नहर (स्कैप चैनल) घोषित किए जाने के खिलाफ हरकी पैड़ी की प्रबंधकारिणी श्रीगंगा सभा हाईकोर्ट पहुंच गई है।
गंगा सभा ने कांग्रेस की हरीश रावत सरकार की ओर से दिसंबर-2016 के उस शासनादेश को चुनौती दी है, जिसके जरिए भागीरथी बिंदु सर्वानंद घाट भूपतवाला से हरकी पैड़ी, मायापुर और दक्ष मंदिर कनखल तक बहने वाली गंगा को स्कैप चैनल घोषित कर दिया था।
इस पर गंगा सभा के पदाधिकारियों सहित गंगा किनारे बसे धर्मजगत के झंडाबरदारों की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए जाते रहे हैं। अब गंगा सभा को रावत सरकार के दौरान जारी शासनादेश को निरस्त कराने के लिए हाईकोर्ट जाना पड़ा है।
याची श्रीगंगा सभा के महामंत्री रामकुमार मिश्रा ने बताया कि इसमें तारीख लग चुकी है और हाईकोर्ट ने कुछ दस्तावेजों की जानकारी मांगी है। उन्होंने बताया कि दस्तावेज सभा अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपलब्ध कराएगी। गौरतलब है कि हाईकोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने गंगा से 200 मीटर की परिधि से निर्माण हटाने के साथ ही किसी प्रकार के निर्माण पर रोक लगा दी थी।
इस आदेश के बाद शहर के बड़े रसूखदार बिल्डर, होटल, आश्रमधारी लॉबी परेशान हो गई थी। शासनादेश जारी होने के बाद यह चर्चा होती रही है कि इन सबने मिलकर हाईकोर्ट और एनजीटी का आदेश फ्रिज कराने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत पर दबाव बनाकर गंगा को नहर घोषित करवा दिया था।